best news portal development company in india

स्वर्णकार समाज को जनसंख्या के हिसाब से मिले राजनैतिक भागीदारी: विनीत सेठ

SHARE:

उप्र के राजधानी लखनऊ में राजनैतिक भागीदारी को लेकर जमकर गरजे विनीत सेठ, हजारों की संख्या में जुटे स्वर्णकार समाज के प्रतिनिधि…..

रिपोर्ट…डॉ. इम्तियाज अहमद 

जौनपुर । लखनऊ स्वर्णकार समाज द्वारा आयोजित लखनऊ में स्वर्णकार समागम सम्मेलन का आयोजन रवींद्रालय में किया गया। जिसमें उत्तर प्रदेश से सभी जिलों से स्वर्णकार समाज के लोगो ने हिस्सा लिया, उसी क्रम में जनपद जौनपुर से विनीत सेठ और अजीत सोनी के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में दर्जनों गाड़ियां से लखनऊ पहुँचकर सम्मेलन में भागीदारी किया।

सम्मेलन में प्रदेशभर से आये वक्ताओं ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी स्वर्ण कला बोर्ड का गठन हो,ओर आइपीसी की धारा 411 / 412 का दुरुपयोग न हो, इसी क्रम में सभा को संबोधित करते हुए विनीत सेठ ने कहा कि अब स्वर्णकार समाज किसी भी राजनैतिक पार्टी का बंधुआँ मजदूर नही है, समाज अब जाग चुका है, हमे भी जनसँख्या के हिसाब से राजनैतिक भागीदारी चाहिये,अब हम किसी भी राजनैतिक पार्टी के पिछलग्गू बनकर काम नही करेंगे।

अजीत सोनी ने आयोजक मंडल सत्यनारायण सेठ,नीरज वर्मा, पुष्पेंद्रवर्मा, श्यामसुंदर वर्मा पूर्व चैयरमैन, कुंदन वर्मा सहित सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब भविष्य में इससे भी बड़ा सम्मेलमन कराये। सम्मेलन का कुशल संचालन उच्च न्यायालय अधिवक्ता सुषमा सोनी जी ने किया।

जौनपुर से जाने वालों में मुख्य रूप से मुन्ना लाल सेठ, ओमप्रकाश सोनी, सचिन सोनी, मदन सोनी, नोखे लाल सेठ, संतोष सोनी, आलोक सेठ, भोले सेठ, जिलाजीत सेठ, सुभाष गर्ग, देवी लाल सोनी, अजय सेठ, राजेश सोनी, रामअवतार सोनी, सुजीत वर्मा, साहिल सेठ, अनुराग वर्मा, सचिन सेठ, श्री प्रकाश वर्मा, संदीप सोनी, संजय वर्मा,अनिल सोनी,धीरज सोनी, अमर जौहरी, भरत सेठ,रवि सोनी सहित सैकड़ो की संख्या में पहुँचकर सम्मेलन में भागीदारी किया।

मुख्य मांग

👉 स्वर्णकार कला बोर्ड का गठन

👉 जनसंख्या के हिसाब से राजनैतिक भागीदारी

👉 आइपीसी कीधारा 411/ 412 का दुरुपयोग न हो

👉 प्राथमिकता के आधार पर स्वर्णकार समाज को असलहे का लाइसेंस बनाया जाये

MANOJ GUPTA
Author: MANOJ GUPTA

Leave a Comment

Pelli Poola Jada
best news portal development company in india
सबसे ज्यादा पड़ गई