फूलपुर को मिला नया थाना प्रभारी, कई थानों में बदली जिम्मेदारी

आजमगढ़ जिले में कानून-व्यवस्था को अधिक अच्छा बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अनिल कुमार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। इस कार्रवाई के तहत जिले के विभिन्न थानों पर तैनात 15 निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में व्यापक बदलाव किया गया है। पुलिस विभाग की इस पहल को प्रशासनिक कसावट और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस फेरबदल में सबसे अधिक चर्चा निजामाबाद थाने को लेकर हो रही है। हाल ही में एक छापेमारी के दौरान हुई कार्रवाई ने विवाद का रूप ले लिया था, जिसके बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए वहां तैनात प्रभारी निरीक्षक को उनके पद से हटा दिया। संबंधित अधिकारी को अब मीडिया सेल में नई जिम्मेदारी दी गई है। इस बदलाव को विभागीय अनुशासन और कार्यशैली में सुधार के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। निजामाबाद थाने की कमान अब सिधारी थाने में कार्यरत इंस्पेक्टर राकेश कुमार सिंह को सौंपी गई है। वहीं, मीडिया सेल का कार्य देख रहे राजीव कुमार मिश्रा को सिधारी थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। अधिकारियों की इस अदला-बदली का उद्देश्य अनुभव और कार्यक्षमता के आधार पर बेहतर तालमेल स्थापित करना बताया जा रहा है। इसके अलावा जिले के अन्य प्रमुख थानों में भी फेरबदल किया गया है। कंधरापुर, महाराजगंज, बिलरियागंज, रौनापार और अहिरौला जैसे थानों में तैनात निरीक्षकों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।

अधिकारियों को नई जगहों पर तैनात कर विभाग ने यह संकेत दिया है कि प्रदर्शन और परिस्थितियों के अनुसार तैनाती में बदलाव किया जा सकता है। इसी क्रम में साइबर थाने में कार्यरत प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह को फूलपुर थाने का नया प्रभारी बनाया गया है। वहीं, फूलपुर में तैनात रहे अधिकारी को हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है। इस बदलाव को भी प्रशासनिक पुनर्संतुलन के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस महकमे में इस तरह के फेरबदल को आमतौर पर कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने, क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने और कार्य में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से किया जाता है। सूत्रों के अनुसार, विभाग आगे भी स्थिति की समीक्षा करता रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर अन्य बदलाव भी संभव हैं। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे बिना देरी किए अपने नए कार्यस्थल पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करें और अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ करें







