नॉर्वे की पत्रकार ने बताया, पीएम मोदी से सवाल पूछने की क्यों की थी कोशिश
प्रधानमंत्री Narendra Modi के नॉर्वे दौरे के दौरान सवाल पूछने वाली पत्रकार Hella Leng ने अब पूरे मामले पर खुलकर अपनी बात रखी है।
हेला लेंग ने एक इंटरव्यू में कहा कि पत्रकार होने के नाते सवाल पूछना उनकी ज़िम्मेदारी है! जब कोई बड़ा और ताक़तवर देश उनके छोटे से देश में आता है और संबंध मज़बूत करने की बात करता है, तब पत्रकारों का काम है कि वे सवाल पूछें।
दरअसल, ओस्लो में नॉर्वे के प्रधानमंत्री Jonas Gahr Støre(योनास गार स्टोरे)
के साथ साझा बयान के बाद पीएम मोदी वहां से जाते दिखाई दिए। इसी दौरान हेला लेंग ने आवाज़ लगाते हुए कहा था —
“प्रधानमंत्री मोदी, आप दुनिया की सबसे स्वतंत्र प्रेस के सवालों को क्यों नहीं लेते?”
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और भारत समेत कई देशों में इस पर चर्चा शुरू हो गई।
हेला लेंग ने बताया कि वह पिछले पांच वर्षों से पत्रकारिता कर रही हैं और अंतरराष्ट्रीय राजनीति को कवर करती रही हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल सवाल पूछना था, क्योंकि प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र का अहम हिस्सा है।
वहीं इस मामले पर नॉर्वे में भारतीय दूतावास की ओर से भी प्रतिक्रिया आई। दूतावास ने कहा कि पत्रकार भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आकर सवाल पूछ सकती हैं। बाद में प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान हेला लेंग और भारतीय अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली, जिसकी काफी चर्चा हो रही है।
अब यह मामला केवल एक सवाल तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर अंतरराष्ट्रीय बहस का हिस्सा बनता जा रहा है।








