“धार्मिक और सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने वाले उपद्रवियों पर होगी कठोरतम कानूनी कार्रवाई”। अफवाहों की त्वरित सूचना हेतु कंट्रोल रूम/ हेल्पलाइन नंबर जारी।
जमुई, बिहार से मो० आसिफ अनवर की रिपोर्ट
जमुई: (बकरीद) पर्व को पूर्व के त्योहारों की भांति ही शांति , कौमी एकता और आपसी भाईचारे के सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से आज समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में जिला शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जिला पदाधिकारी श्री नवीन और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल द्वारा की गई। बैठक में जिले के प्रबुद्ध नागरिकों, विभिन्न समाज के प्रतिनिधियों और शांति समिति के सम्मानित सदस्यों ने सहभागिता निभाकर धार्मिक और सामाजिक सद्भाव को अक्षुण्ण रखने का सामूहिक संकल्प लिया।

बैठक में उपस्थित सदस्यों का स्वागत करते हुए जिला पदाधिकारी श्री नवीन ने अपने संबोधन में कहा कि इस जिले में हर पर्व त्यौहार हमेशा से अटूट भाईचारे और परस्पर सम्मान की प्रतीक रहा है। यहाँ की जनता ने हर कठिन दौर में प्रशासनिक व्यवस्था के साथ मिलकर धार्मिक सद्भाव की नई मिसालें पेश की हैं। एक संवेदनशील प्रशासक के रूप में उन्होंने आश्वस्त किया कि आम जनता और शांतिप्रिय नागरिकों की सुविधा तथा सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन का पूरा तंत्र निरंतर सड़कों पर मौजूद रहेगा ताकि किसी को भी त्योहार मनाने में कोई असुविधा न हो। इसके साथ ही, उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि जो भी तत्व जिले के सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे को बिगाड़ने की तनिक भी कोशिश करेंगे, उनसे प्रशासन अत्यंत कड़ाई से निपटेगा। जिला पदाधिकारी ने कहा कि कानून हाथ में लेने वाले और समाज में नफरत या अशांति फैलाने वाले किसी भी उपद्रवी को कतई बख्शा नहीं जाएगा। विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए संयुक्त आदेश जारी कर दिया गया है, जिसके तहत तमाम चिन्हित और संवेदनशील स्थलों पर दंडाधिकारियों तथा पुलिस बल की चौबीसों घंटे मुस्तैदी सुनिश्चित की गई है।

इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था पर विशेष बल देते हुए जिले के नागरिकों से किसी भी प्रकार की अफवाहों और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक व विद्वेषपूर्ण सूचनाओं से पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने चेतावनी देते हुए सचेत किया कि पुलिस प्रशासन का सोशल मीडिया सेल चौबीसों घंटे पूरी तरह सक्रिय है और समाज के ताने-बाने तथा धार्मिक सद्भाव को ठेस पहुंचाने की कोशिश करने वाले शरारती तत्वों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए कानून के दायरे में कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अनुमंडल पदाधिकारी सौरभ कुमार ने भी उपस्थित सदस्यों को जिला प्रशासन द्वारा की गई प्रशासनिक तैयारियों तथा विधि-व्यवस्था संधारण की मुकम्मल कार्ययोजना से विस्तारपूर्वक अवगत कराया। बैठक के दौरान शांति समिति के सदस्यों ने भी प्रशासन के समक्ष अत्यंत सकारात्मक और व्यावहारिक सुझाव रखे, जिसमें मुख्य रूप से नमाज अदा किए जाने के समय यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने का आग्रह शामिल था, जिसे प्रशासन ने सहर्ष स्वीकार किया।
जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से यह पुरजोर अपील की है कि वे समाज में भाईचारा बनाए रखें और किसी भी तरह की अप्रिय घटना, अफवाह, भ्रामक सूचना या किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक नियंत्रण कक्ष और संबंधित पदाधिकारियों के दूरभाष नंबरों पर संपर्क कर सूचना दें, ताकि समय रहते उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके। आम जनता की सुविधा के लिए जिला नियंत्रण कक्ष, जमुई के दूरभाष संख्या 06345-224799, पुलिस अधीक्षक, जमुई के दूरभाष संख्या 06345-222301 तथा 06345– 222302 और अनुमंडल नियंत्रण कक्ष, जमुई के दूरभाष संख्या 06345-222006 को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग, जमुई के मोबाइल नंबर 9470003337 अथवा 9835616861 पर, किसी भी प्रकार की अग्निकांड की स्थिति में अग्निशामालय पदाधिकारी, जमुई के मोबाइल नंबर 7808412480 पर, निर्बाध बिजली आपूर्ति एवं विद्युत संबंधी शिकायतों के लिए कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल, जमुई के मोबाइल नंबर 7763814452 पर तथा मद्यनिषेध से जुड़ी सूचनाओं के लिए अधीक्षक मद्यनिषेध, जमुई के मोबाइल नंबर 7004208801 अथवा 947340061 पर सीधे संपर्क स्थापित किया जा सकता है।

अंत में, उपस्थित सभी सदस्यों ने एक स्वर में जिला प्रशासन को यह विश्वास और आश्वासन दिया कि जमुई जिले की गौरवशाली परंपरा के अनुरूप यह त्योहार भी पूरी श्रद्धा, आपसी एकता, अटूट भाईचारे और धार्मिक-सामाजिक सद्भाव की नई मिसाल पेश करते हुए शांतिपूर्वक संपन्न होगा।








