रेनबो अस्पताल में नवजात बदलने का मामला, परिजनों के हंगामे के बाद रात में लौटाया गया बच्चा
आजमगढ़। सिधारी थाना क्षेत्र के तिवारीपुर स्थित रेनबो अस्पताल में नवजात बच्चे को बदलने का गंभीर मामला सामने आने से हड़कंप मच गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों ने जमकर हंगामा किया और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही व मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। बाद में जांच के दौरान गलती सामने आने पर अस्पताल प्रशासन ने दूसरे परिवार से नवजात को वापस मंगवाकर सही माता-पिता को सौंप दिया।
जानकारी के अनुसार, नवजात शिशु 12 मई से अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती था। बुधवार को जब बच्चे की मां उसे दूध पिलाने और डायपर बदलने पहुंची, तो उसे शक हुआ कि बच्चा उसका नहीं है। महिला ने इसकी जानकारी परिजनों को दी, जिसके बाद परिवार के लोग अस्पताल पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि शुरुआत में अस्पताल प्रशासन मामले को गंभीरता से लेने के बजाय उसे दबाने का प्रयास करता रहा। हालांकि बढ़ते विवाद और हंगामे के बाद अस्पताल कर्मियों ने सीसीटीवी फुटेज और रिकॉर्ड की जांच शुरू की। जांच में पता चला कि तरवां थाना क्षेत्र के रासेपुर बोगरिया के पास कंचनपुर गांव निवासी एक दंपति को गलती से यह बच्चा सौंप दिया गया था। वह परिवार दो दिन पहले ही अस्पताल से घर जा चुका था।
मामले की जानकारी होने पर अस्पताल प्रशासन ने तत्काल संपर्क कर नवजात को वापस बुलवाया। देर रात करीब दो बजे सही माता-पिता को उनका बच्चा सौंप दिया गया, जिसके बाद परिवार ने राहत की सांस ली।
रेनबो अस्पताल के चिकित्सक डॉ. दीपक पांडे ने बताया कि बच्चों के टैग बदल जाने के कारण यह गलती हुई। उन्होंने कहा कि दोनों नवजात अब उनके सही अभिभावकों को सौंप दिए गए हैं।
वहीं सीओ सिटी शुभम तोदी ने बताया कि मामले में अभी तक किसी पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। शिकायत मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने अस्पतालों में नवजातों की सुरक्षा व्यवस्था और पहचान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का कहना है कि अगर मां को शक न होता, तो शायद यह सच्चाई कभी सामने नहीं आती। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।








