जमुई, बिहार से मो० आसिफ अनवर की रिपोर्ट –
मलयपुर पुलिस लाइन की तेजस्वी भूमि पर दीक्षांत परेड समारोह का भव्य आयोजन।
बात जब भारत माता के अस्मिता की हिफाजत की हो , तब बिहार का नाम गर्व से लिया जाता है। मातृ भूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करना भगवान महावीर की पावन धरा की पुरानी परंपरा रही है। इसी संदर्भ में मलयपुर स्थित पुलिस लाइन के तेजस्वी मैदान पर 581 मातृ शक्ति पास आउट होकर बिहार पुलिस परिवार का हिस्सा बन गईं। इसमें बेगूसराय जिला की सबसे ज्यादा 289 प्रशिक्षु , मुंगेर की 173 और बांका जिला की 119 आधी आबादी शामिल हैं। तेजस्वी मैदान पर आयोजित पासिंग आउट परेड में कुल 581 बेटियों ने हिस्सा लिया और अपने जोश , जज्बे के साथ जुनून का जीवंत प्रदर्शन किया। नव प्रशिक्षुओं के अजूबा , अनूठा , आश्चर्यजनक और अचंभित करने वाले करतब से मैदान पर मौजूद ओहदेदारों के साथ पुलिस परिवार के परिजन मंत्र मुग्ध हो गए। सबों ने करतल ध्वनि से नव प्रशिक्षु बेटियों का हौसला अफजाई किया और उन्हें अखंड सम्मान के साथ अनंत बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुंगेर प्रक्षेत्र के डीआईजी राकेश कुमार पासिंग आउट परेड में मुख्य मेहमान के रूप में उपस्थित होकर परेड की सलामी ली। डीएम श्री नवीन , एसपी विश्वजीत दयाल , बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस 11 वीं वाहिनी के कमांडेंट संजय कुमार , डीएसपी राजेश कुमार , डीएसपी रक्षित सुरेश प्रसाद , डीएसपी मुख्यालय आफताब अहमद , सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट सुरेंद्र सिंह , एसएसबी के उप कमांडेंट , अनुदेशक ब्यूटी कुमारी , धीरेन्द्र कुमार , ज्योति प्रकाश , सावन कुमार चुन्नू कुमार आदि पदस्थों ने भी दीक्षांत परेड समारोह में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की और नव प्रशिक्षु बेटियों के बिहार पुलिस परिवार में शामिल होने का साक्ष्य बने। मुख्य कमांडर पूजा और द्वितीय कमांडर किरण कुमारी के कुशल नेतृत्व में कुल 12 प्लाटूनों ने पारण परेड में हिस्सा लिया और यादगार प्रदर्शन कर लोगों को वाह-वाह करने के लिए विवश कर दिया। डीआईजी , डीएम और एसपी ने समारोह के अंत में मुख्य कमांडर , द्वितीय कमांडर , बाह्य और आंतरिक अनुदेशक तथा आयोजन को सफल बनाने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पुलिस परिवार के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र , स्मृति चिन्ह एवं मेडल देकर सम्मानित किया।

जमुई जिले के मलयपुर स्थित पुलिस लाइन की तेजस्वी भूमि पर बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस बल की 11 वीं वाहिनी ने पासिंग आउट परेड का भव्य आयोजन कर नया इतिहास लिख डाला। मलयपुर स्थित पुलिस लाइन की पराक्रमी भूमि पर नामित 581 प्रशिक्षुओं को 216 दिनों तक बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस बल 11 वीं वाहिनी के अंतः और बाह्य अनुदेशकों ने बीएनएस , बीएनएसएस , बीएसए , कंप्यूटर , बितंतु , सोशल मीडिया , यातायात प्रबंधन , हथियार , ड्रिल , दौड़ , फील्ड क्राफ्ट , बैटल क्राफ्ट , अग्निशमन , प्राथमिक उपचार , हथियारों का खोलना और जोड़ना , दंगा नियंत्रण , सिपाही नियमावली , पीटी , परेड , ड्यूटी के दरम्यान अनुशासन और व्यवहार आदि से सबंधित इनर और आउटर प्रशिक्षण दिया। नामित प्रशिक्षण लेने वाला चौथा बैच है। 2022 के 22 जून को 383 महिला पुलिस कर्मियों ने प्रशिक्षण ली थी और पासिंग आउट परेड का पहला बैच कहलाने का सौभाग्य प्राप्त किया था। दूसरा बैच का प्रशिक्षण 08 नवंबर 2023 को आयोजित हुआ , जिसमें कुल 490 रंगरूट पुलिस बने। तीसरा पारण परेड का आयोजन 17 जून 2026 को किया गया , जिसमें 263 जवान प्रशिक्षण खत्म कर पुलिस परिवार का विधिवत हिस्सा बन गए। चौथा पारण परेड का आयोजन शनिवार यानि 20 जून 2026 को हुआ , जिसमें 581 आधी आबादी को पुलिस परिवार में सम्मिलित किया गया। सभी 581 जवान पासिंग आउट परेड के बाद कानून की रक्षा और सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाएंगे।
डीआईजी राकेश कुमार ने पासिंग आउट परेड में शामिल 581 नव प्रशिक्षुओं को अनुशासन , कर्तव्य निष्ठा और समर्पण का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि बिहार की बेटियों में देश भक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी है। कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के साथ लोगों की सुरक्षा का जिम्मा इनके सबल कंधों पर होगी। दीक्षांत परेड के बाद सभी प्रशिक्षु अपने-अपने जिलों में योगदान देंगीं और वहां की कानून व्यवस्था को कायम रखने में सहयोग करेंगीं। सरकार मातृ शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पित है। इसी का नतीजा है कि इतनी बड़ी तादाद में महिला सिपाही बिहार पुलिस में सम्मिलित हो रही हैं। पहले बिहार पुलिस में महिला सिपाही के न होने से पुलिसिंग में परेशानी होती थी। लेकिन अब यह कठिनाई दूर हो गई है। आज के बाद उनके नाम के आगे से ट्रेनी शब्द विलोपित हो जाएगा। हौसले और बुलंदी के साथ सुरक्षा तथा कानून व्यवस्था के लिए काम करेंगी। ईमानदारी को रग-रग में समाहृत रखेंगीं। उन्हें गर्व हो रहा है कि वे अब प्रदेश और देश के लिए काम करने जा रही हैं।

हर जवान की मुद्रा उनके बुलंद हौसले का द्योतक है। परेड में शामिल सभी बारह प्लाटून निरीक्षण की कसौटी पर खरे उतरे हैं। मार्च पास्ट में मातृ शक्ति ने अनुशासन और तालमेल का अद्भुत नजारा पेश किया है। यह उनकी निष्ठा को परिभाषित करता है। सेवा के दौरान अनुशासन , दक्षता और गुणवत्ता को आत्मसात करेंगे। सेवा , सुरक्षा और संवेदनशील पुलिसिंग वर्दीधारियों के लिए मूल मंत्र है। आप सभी को गरिमामय , ऊर्जावान और अनुशासित रहना है। आज का यह दिन पुलिस परिवार के लिए अत्यंत ही गौरवशाली है। उन्होंने नव प्रशिक्षुओं को अशेष शुभकामनाएं देने के साथ उनके परिवारों के प्रति आभार जताया। वहीं वरीय पुलिस उप अधीक्षक ज्योति कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि आज उन्हें गर्व हो रहा है कि नव प्रशिक्षु बेटियां बिहार पुलिस की टीम का हिस्सा बन गई हैं। अब उनके नाम के साथ ट्रेनी शब्द हट गया है। करीब ग्यारह माह तक ट्रेनिंग लेकर अब वे हौसले और बुलंदी के साथ बिहार के लोगों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए ईमानदारी से काम करेगीं। उधर पासिंग आउट परेड को खास बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की गई थी। पुलिस लाइन के तेजस्वी मैदान को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। प्रशिक्षु जवानों ने मार्च पास्ट के दरम्यान अजूबा प्रदर्शन कर लोगों को अचंभित कर दिया। राज्य उद्घोषक डॉ.निरंजन कुमार ने पासिंग आउट परेड को यादगार बनाने के लिए शायराना अंदाज में एंकरिंग किया , जिसकी उपस्थित जनसमूह ने जमकर तारीफ की। डीआईजी समेत मंच पर विराजमान तमाम विशिष्ट अतिथि और पुलिस परिवार ने डॉ.कुमार के द्वारा जीवंत एंकरिंग के लिए उन्हें ह्रदयतल से बधाई दी और उनके कोनफिडेंस का लोहा माना। 581 नव प्रशिक्षुओं के परिजन भी उपस्थित होकर इस भव्य आयोजन के साक्ष्य बने।सामूहिक फोटो सेशन के बाद दीक्षांत परेड समारोह उल्लास और उमंग के वातावरण में संपन्न हो गया।








