सुपौल: रिपोर्ट अल्ताफ राजा
सुपौल में होल्डिंग टैक्स विवाद पर सियासत तेज: मुख्य पार्षद बोले- ‘मामले को बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा’, पुनर्वासित परिवारों ने आंदोलन की दी चेतावनी
सुपौल: नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-15 में रविवार को कोसी पुनर्वासित परिवारों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सैकड़ों पुनर्वासित परिवारों ने भाग लिया। समाजसेवी लव यादव की मौजूदगी में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नगर परिषद द्वारा पुनर्वास में बसे कोसी विस्थापित परिवारों से होल्डिंग टैक्स वसूली का विरोध करना तथा उन्हें सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग उठाना था।
बैठक को संबोधित करते हुए समाजसेवी लव यादव ने कहा कि कोसी तटबंध निर्माण के दौरान विस्थापित हुए परिवारों को सरकार ने पुनर्वास में बसाया था, लेकिन आज तक उन्हें उस जमीन का मालिकाना हक नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि स्वामित्व नहीं मिलने के कारण हजारों गरीब परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना समेत अन्य सरकारी आवास योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस वर्ष नगर परिषद की ओर से पुनर्वासित परिवारों को होल्डिंग टैक्स जमा करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
बैठक में मौजूद लोगों ने मांग की कि कोसी पुनर्वास में बसे परिवारों को होल्डिंग टैक्स से पूरी तरह मुक्त किया जाए, पुनर्वास की जमीन का मालिकाना हक दिया जाए, पात्र परिवारों को आवास योजना का लाभ मिले तथा सड़क, नाला, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं बेहतर तरीके से उपलब्ध कराई जाएं। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि नगर परिषद और जिला प्रशासन ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आगामी 3 अगस्त से हजारों पुनर्वासित परिवार धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
वहीं, पूरे मामले पर नगर परिषद के मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा ‘राघव’ ने स्पष्ट कहा कि बिहार नगर पालिका संपत्ति कर निर्धारण, संग्रह एवं वसूली नियमावली-2013 के तहत नगर परिषद क्षेत्र के सभी 28 वार्डों में होल्डिंग टैक्स देना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद पुनर्वास क्षेत्रों में सड़क, नाला, बिजली, सफाई सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, इसलिए नियमों के अनुसार संपत्ति कर का भुगतान करना सभी की जिम्मेदारी है।
मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा ने यह भी कहा कि इस मुद्दे का वास्तविक तथ्यों से कोई संबंध नहीं है और इसे बेवजह राजनीतिक मोड़ देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद पूरी तरह कानून के दायरे में रहकर कार्य कर रही है तथा संपत्ति कर की वसूली भी नियमानुसार की जा रही है। उन्होंने लोगों से अफवाहों और राजनीतिक बयानबाजी से बचने की अपील करते हुए कहा कि नगर परिषद जनहित में पारदर्शी तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही है।








