भूमि विवादों में राजस्व-पुलिस मिलकर करें त्वरित कार्रवाई, एफआईआर में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डीएम
आजमगढ़। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने भूमि विवादों के मामलों में राजस्व एवं पुलिस विभाग को बेहतर समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण, पैमाइश और सीमांकन कर समयबद्ध तरीके से विवादों का निस्तारण करे। यदि सीमांकन के बाद भी कोई दबंग कब्जा करता है या विवाद उत्पन्न करता है तो उसके विरुद्ध सख्त विधिक कार्रवाई की जाए।
गुरुवार को आयोजित जूम बैठक में जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी, सभी उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के साथ भूमि विवादों की समीक्षा की। बैठक में एफआईआर दर्ज न होने से जुड़े मामलों, संयुक्त निरीक्षण, पैमाइश, सीमांकन के बाद खूंटा उखाड़ने जैसी घटनाओं तथा पुलिस और राजस्व विभाग के समन्वय की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
डीएम ने निर्देश दिया कि भूमि विवाद की शिकायत मिलते ही राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर निष्पक्ष जांच और आवश्यक पैमाइश कराए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी मामलों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण किया जाए, ताकि भूमि विवादों के कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सीमांकन के बाद यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर सरकारी आदेशों की अवहेलना करते हुए खूंटा उखाड़ता है, सीमांकन को क्षतिग्रस्त करता है या दोबारा विवाद खड़ा करता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी मामले में पुलिस थाने पर एफआईआर दर्ज करने में अनावश्यक विलंब होता है, तो संबंधित राजस्व अधिकारी तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर मुकदमा दर्ज कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए और प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता तथा गंभीरता के साथ कार्रवाई हो।
बैठक के अंत में डीएम ने सभी राजस्व अधिकारियों को लंबित भूमि विवादों की नियमित समीक्षा कर प्राथमिकता के आधार पर उनका निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व और पुलिस विभाग के बेहतर समन्वय से ही लोगों को त्वरित न्याय मिलेगा और जनपद में कानून-व्यवस्था मजबूत बनी रहेगी।








