धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर CJP अडिग, सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद तोड़ा अनशन
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अपना भूख हड़ताल समाप्त कर दिया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर कोई तत्काल आश्वासन नहीं दिया है।
शुक्रवार को जारी 11 मिनट के वीडियो संदेश में वांगचुक ने कहा कि सरकार के साथ लंबी बातचीत के बाद और देश में संभावित हिंसक स्थिति को देखते हुए उन्होंने अनशन समाप्त करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं लेती है तो इसका नुकसान आंदोलनकारियों या छात्रों का नहीं, बल्कि सरकार का होगा।
वांगचुक ने कहा, “यदि सरकार इस्तीफा स्वीकार कर लेती तो उसका राजनीतिक नुकसान काफी पहले रुक जाता। यह मुद्दा समय के साथ अपने तरीके से सुलझ जाएगा, लेकिन हमारे लिए सबसे जरूरी यह था कि आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं पर कोई कार्रवाई न हो।”
उन्होंने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह तथा लेह-लद्दाख एपेक्स बॉडी के नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया।
इस बीच केंद्र सरकार ने दोहराया है कि संसद में प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार पर चर्चा कराई जाएगी। सरकार ने यह भी संकेत दिए हैं कि हालिया NEET पेपर लीक प्रकरण से जुड़े आत्महत्या पीड़ितों के परिजनों को मुआवजा देने के प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार किया जा रहा है।
उधर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने वांगचुक के अनशन समाप्त करने के फैसले का स्वागत करते हुए उनका धन्यवाद किया है। हालांकि पार्टी ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर उसका आंदोलन जारी रहेगा और नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन पहले की तरह चलता रहेगा।
सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार दोपहर CJP के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के मंत्रियों के बीच एक अहम बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में आंदोलन से जुड़े मुद्दों और आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।








