करीब चार हजार करोड़ रुपये के नोएडा लीजबैक मामले में PCS अधिकारी हरीश चंद्र बर्खास्त
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा प्राधिकरण से जुड़े करीब 4,000 करोड़ रुपये के भूमि लीजबैक मामले में तत्कालीन सचिव एवं वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी हरीश चंद्र को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया है। नियुक्ति विभाग ने सोमवार, 28 सितंबर 2026 को उनकी बर्खास्तगी का आदेश जारी किया। वर्तमान में हरीश चंद्र खाद्य एवं रसद विभाग में कोलकाता के स्थानिक प्रतिनिधि के पद पर तैनात थे।
हरीश चंद्र पर नोएडा प्राधिकरण में सचिव पद पर तैनाती के दौरान ग्राम शाहदरा की सेक्टर-140ए, 141, 142 और 143 में प्राधिकरण द्वारा अर्जित एवं कब्जे में ली गई जमीन के लीजबैक में नियमों का पालन नहीं करने और तथ्यों को छिपाकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आरोप लगे थे। विभागीय जांच में करीब 4,00,447 वर्ग मीटर भूमि, जिसकी बाजार कीमत लगभग 4,000 करोड़ रुपये बताई गई, के संबंध में गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया।
शासन के अनुसार, वर्ष 2013 में उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई थी। मामले में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की सहमति और इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के 3 सितंबर 2026 के आदेश में सामने आए तथ्यों के आधार पर अब बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है।
मुजफ्फरनगर में भी रह चुके हैं ADM प्रशासन
हरीश चंद्र वर्ष 2018 में मुजफ्फरनगर के अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पद पर तैनात रहे थे। उस दौरान नोएडा में एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी से विवाद के मामले में उन्हें शासन ने निलंबित किया था। उनके निलंबन के बाद तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट अमित सिंह को एडीएम प्रशासन का कार्यभार सौंपा गया था।








