राज्यसभा चुनाव पश्चिमी यूपी से कई नामों पर चर्चा, भाजपा में प्रत्याशियों को लेकर मंथन तेज
राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा में प्रत्याशियों के नामों पर मंथन तेज हो गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से कई प्रमुख नेताओं के नाम संभावित उम्मीदवारों के रूप में चर्चा में हैं। इनमें पूर्व सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल, पूर्व मंत्री सुरेश राणा और कवि कुमार विश्वास का नाम शामिल बताया जा रहा है। हालांकि, इन नामों पर पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
पश्चिमी यूपी के नेताओं को मिल सकता है मौका
भाजप अपने प्रत्याशियों की घोषणा एक-दो दिन में कर सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी के प्रभावशाली नेताओं को राज्यसभा भेजने की संभावनाओं पर चर्चा चल रही है। माना जा रहा है कि आगामी राजनीतिक समीकरणों और सहयोगी दलों के साथ तालमेल को ध्यान में रखकर नामों पर विचार किया जा रहा है।
संजीव बालियान के नाम की भी चर्चा
मुजफ्फरनगर के पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान का नाम संभावित उम्मीदवारों में शामिल है। वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा के प्रमुख जाट नेताओं में गिने जाते हैं। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें मुजफ्फरनगर सीट पर समाजवादी पार्टी के हरेंद्र मलिक से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद क्षेत्रीय राजनीति में उनकी सक्रियता बनी हुई है।
रिपोर्ट में भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के सहारनपुर दौरे के दौरान बालियान के स्वागत कार्यक्रम को भी राजनीतिक चर्चा से जोड़कर देखा गया है।
सत्यपाल सिंह और राजेंद्र अग्रवाल के नाम भी चर्चा में
बागपत के पूर्व सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में लिया जा रहा है। वह वर्ष 2014 में भाजपा के टिकट पर बागपत से चुनाव जीते थे और पूर्व केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। वर्ष 2019 में भी उन्होंने जीत दर्ज की थी। वर्ष 2024 में भाजपा और राष्ट्रीय लोकदल के गठबंधन के बाद बागपत सीट रालोद के हिस्से में चली गई थी।
वहीं, मेरठ से लगातार तीन बार सांसद रहे राजेंद्र अग्रवाल और शामली के पूर्व विधायक एवं पूर्व गन्ना मंत्री सुरेश राणा के नाम पर भी चर्चा है।
कुमार विश्वास के नाम की भी अटकलें
राज्यसभा के संभावित उम्मीदवारों की चर्चा के बीच कवि कुमार विश्वास का नाम भी सामने आया है। हालांकि, उनकी उम्मीदवारी को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गठबंधन के समीकरणों पर भी नजर
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा और रालोद के राजनीतिक गठबंधन को देखते हुए राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन को अहम माना जा रहा है। पार्टी के सामने क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, सामाजिक समीकरण और संगठन में सक्रिय नेताओं को अवसर देने जैसे पहलू हैं।
फिलहाल संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चाएं जारी हैं। अंतिम तस्वीर भाजपा की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।








