आजमगढ़ में ‘नई किरण’ की पहल से तीन दंपतियों के पारिवारिक विवाद सुलझे, समझौते के बाद रिश्तों को मिला नया मौका

01 अक्टूबर 2026 | जनपद: आजमगढ़
आजमगढ़। परिवारों को टूटने से बचाने और पारिवारिक विवादों का आपसी सहमति से समाधान कराने के उद्देश्य से आजमगढ़ पुलिस के परिवार परामर्श प्रकोष्ठ ‘नई किरण’ की पहल पर तीन दंपतियों के बीच समझौता कराया गया। गुरुवार को थाना कोतवाली परिसर स्थित परिवार परामर्श प्रकोष्ठ में आयोजित बैठक के दौरान दोनों पक्षों की समस्याएं सुनकर संवाद और मध्यस्थता के जरिए विवाद सुलझाने का प्रयास किया गया।
पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक यातायात एवं नोडल अधिकारी महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के पर्यवेक्षण में यह बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुल चार प्रकरणों से संबंधित दोनों पक्षों को फोन और नोटिस के माध्यम से बुलाया गया था। चारों मामलों में दोनों पक्ष उपस्थित हुए, जिनमें से तीन प्रकरणों में सफलतापूर्वक समझौता कराया गया।
दहेज उत्पीड़न और उपेक्षा से जुड़े थे मामले
परिवार परामर्श प्रकोष्ठ में आए मामलों में दो प्रकरण दहेज की मांग को लेकर पति और ससुराल पक्ष द्वारा कथित शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न से संबंधित थे। वहीं, एक अन्य मामले में पति के दूसरी महिला के संपर्क में रहने के कारण पत्नी से बातचीत नहीं करने और उसे खाना-खर्चा नहीं देने की शिकायत सामने आई थी।

परामर्श प्रकोष्ठ के सदस्यों ने दोनों पक्षों की बात सुनते हुए आपसी बातचीत, समझाइश और मध्यस्थता के माध्यम से विवादों को सुलझाने का प्रयास किया। इसके परिणामस्वरूप तीन मामलों में दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई।
इन तीन प्रकरणों में हुआ समझौता
समझौता करने वाले पक्षों में शामिल हैं—
रिंका पुत्री हरखू राम — ग्राम कोटिला, थाना रानी की सराय, आजमगढ़।
आंचल पत्नी वीरेंद्र — ग्राम बनकट, थाना तहबरपुर, आजमगढ़।
प्रिया पुत्री धर्मू — ग्राम मेढ़ी, थाना तहबरपुर, आजमगढ़।
नई किरण परियोजना का उद्देश्य पारिवारिक विवादों में पति-पत्नी एवं संबंधित पक्षों के बीच संवाद और आपसी समझ विकसित कर परिवारों को बिखरने से बचाना है। इस पहल के माध्यम से विवादों का यथासंभव आपसी सहमति से समाधान कराने और पारिवारिक सौहार्द बनाए रखने का प्रयास किया जाता है। साथ ही, ऐसे मामलों के समाधान से न्यायालयों में लंबित पारिवारिक विवादों का बोझ कम करने में भी मदद मिल सकती है।
इस दौरान उपनिरीक्षक महेंद्र प्रसाद तिवारी, उपनिरीक्षक सत्यनारायण यादव, आरक्षी जितेंद्र कुमार साह और आरक्षी सुनील कुमार गुप्ता उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु एक बैठक में चार पारिवारिक विवादों की सुनवाई हुई, जिनमें से तीन मामलों में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया।








