
कलकत्ता हाईकोर्ट से मामले की सुनवाई में तेजी लाने को कहा
नई दिल्ली/कोलकाता। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की चार बैंक खातों को संचालित करने की मांग वाली याचिका पर तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया। ये खाते साइबर अपराध की शिकायत के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस की साइबर सेल की कार्रवाई के तहत फ्रीज किए गए हैं। न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ ने मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट को लंबित कार्यवाही में तेजी लाने का निर्देश दिया।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन चार खातों में करीब 804 करोड़ रुपये की राशि होने का उल्लेख किया गया है। टीएमसी की ओर से खातों को संचालित करने की अनुमति दिए जाने की मांग की गई थी, जबकि पुलिस की कार्रवाई को पार्टी ने चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस समय खातों में जमा धनराशि पर अधिकार का सवाल अलग से तय करना उचित नहीं होगा, क्योंकि पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न से जुड़ा विवाद भी विचाराधीन है।
पीठ ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा पार्टी के चुनाव चिह्न को लेकर अंतरिम आदेश पारित किया गया है। ऐसे में यह तय करना कि बैंक खातों में मौजूद धनराशि पर किस गुट का अधिकार है, मौजूदा विवाद के निपटारे से जुड़ा विषय है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई निष्कर्ष देने से परहेज किया और संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
साइबर अपराध की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड के अनुसार, 18 जून 2026 को बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की और बैंक खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई हुई। बाद में प्रवर्तन निदेशालय ने भी संबंधित वित्तीय लेनदेन को लेकर जांच शुरू की थी।
इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसी के बैंक खातों को लेकर सुनवाई करते हुए पुलिस की कार्रवाई और खातों को फ्रीज किए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। हाईकोर्ट ने बैंक से खातों में उपलब्ध राशि का विवरण भी मांगा था। जुलाई में अदालत ने पार्टी को रोजमर्रा के प्रशासनिक और कानूनी खर्चों के लिए कुछ खातों से सीमित संचालन की अनुमति दी थी।
अगस्त में हाईकोर्ट ने चार अन्य खातों को लेकर टीएमसी की ओर से मांगी गई अतिरिक्त अंतरिम राहत देने से भी इनकार किया था। अदालत ने अपने पूर्व आदेश का हवाला देते हुए कहा था कि पार्टी के दैनिक खर्चों के लिए विशेष अधिकारी के माध्यम से व्यवस्था पहले से मौजूद है।
सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब खातों से संबंधित मुख्य कार्यवाही कलकत्ता हाईकोर्ट में जारी रहेगी। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट से मामले की सुनवाई शीघ्र पूरी करने का अनुरोध किया है।








