परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का लगाया आरोप, शव अस्पताल गेट पर रखकर किया विरोध; प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की
जमुई। रिपोर्ट। एमडी सद्दाम अंसारी।
जमुई सदर अस्पताल में कुछ घंटों के अंतराल में दो महिलाओं की मौत के बाद रविवार को अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया। मृतकों की पहचान 28 वर्षीय अनिता कुमारी और 26 वर्षीय आस्था कुमारी के रूप में हुई है। दोनों मौतों को लेकर परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था और चिकित्सकीय उपचार पर सवाल उठाते हुए लापरवाही का आरोप लगाया।
जानकारी के अनुसार, अनिता कुमारी को प्रसव पीड़ा के बाद सदर अस्पताल लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि रात के समय महिला चिकित्सक उपलब्ध नहीं थीं और उन्हें समय पर आवश्यक उपचार नहीं मिल सका। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
वहीं, आस्था कुमारी का शनिवार रात सी-सेक्शन ऑपरेशन हुआ था। बच्चे के जन्म के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और रविवार सुबह उनकी मौत हो गई। आस्था की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया।
दोनों महिलाओं की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के मुख्य गेट के पास शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया और मामले की जांच तथा जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। परिजनों की ओर से अस्पताल में चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया गया है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मंत्री श्रेयसी सिंह भी सदर अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई और पूरे मामले की जानकारी ली।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को 24 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों मौतों के पीछे चिकित्सकीय लापरवाही थी या कोई अन्य चिकित्सकीय कारण।
वहीं, पुलिस के अनुसार खबर लिखे जाने तक मामले में FIR दर्ज नहीं हुई थी। दोनों महिलाओं की मौत का वास्तविक कारण भी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
फिलहाल अस्पताल में हुई दो मौतों के बाद परिजनों के आरोप और प्रशासन की जांच पर सभी की नजर बनी हुई है।








