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आजमगढ़ में साइबर जागरूकता अभियान। फार्मेसी कॉलेज के छात्र-छात्राओं को डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी से बचाव की दी गई जानकारी !

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आजमगढ़ में साइबर जागरूकता अभियान। फार्मेसी कॉलेज के छात्र-छात्राओं को डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी से बचाव की दी गई जानकारी

आजमगढ़। नेशनल साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस माह (NCSAM) के अंतर्गत आजमगढ़ पुलिस ने 13 अक्टूबर 2026 को क्रॉस बेली इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, बेलहरा, सठियांव में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं एवं आमजन को विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही साइबर ठगी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 और आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा संचालित नेशनल साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस माह के तहत प्रदेश में साइबर अपराधों की रोकथाम और आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात पंकज श्रीवास्तव के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी अपराध कौस्तुभ त्रिपाठी के नेतृत्व में थाना साइबर क्राइम की टीम ने यह कार्यक्रम आयोजित किया।

 

विभिन्न साइबर अपराधों से बचाव के प्रति किया जागरूक

कार्यक्रम के दौरान थाना साइबर क्राइम की टीम ने लाउडहेलर के माध्यम से प्रचार-प्रसार और पंपलेट वितरण कर लोगों को साइबर अपराधों के तरीकों के बारे में जानकारी दी। इसमें ई-मेल फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी, फर्जी पुलिस अधिकारी, सीबीआई अधिकारी या साइबर पुलिस अधिकारी बनकर धनराशि की मांग करना, फर्जी ऐप डाउनलोड कराकर अथवा संदिग्ध लिंक पर क्लिक करवाकर धोखाधड़ी करना शामिल रहा इसके अलावा गिफ्ट एवं लॉटरी के नाम पर ठगी, इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स और स्नैपचैट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनजान व्यक्तियों से दोस्ती कर धोखाधड़ी करने तथा म्यूल अकाउंट और फर्जी मोबाइल नंबरों के इस्तेमाल के संबंध में भी जानकारी दी गई।

ई-मेल फिशिंग से बचने के बताए उपाय

साइबर जागरूकता कार्यक्रम में लोगों को ई-मेल फिशिंग से बचाव के लिए कई सावधानियां बरतने की सलाह दी गई पुलिस टीम ने ई-मेल भेजने वाले की वास्तविक आईडी और स्पेलिंग की जांच करने, बैंक एवं प्रतिष्ठित संस्थानों से मिलते-जुलते फर्जी डोमेन नामों से सावधान रहने तथा किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसके वास्तविक URL की जांच करने की जानकारी दी इसके साथ ही अनजान स्रोतों से प्राप्त संदिग्ध अटैचमेंट और फाइलों को डाउनलोड या ओपन न करने तथा अपना ओटीपी, पासवर्ड, यूपीआई पिन और अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की अपील की गई।

साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत

कार्यक्रम के दौरान आमजन को भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया गया। पुलिस ने समझाया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देरी किए शिकायत दर्ज करानी चाहिए, जिससे ठगी की धनराशि को रोकने और आवश्यक कार्रवाई करने में सहायता मिल सके।

कार्यक्रम में शामिल रही साइबर क्राइम पुलिस टीम

कार्यक्रम में थाना साइबर क्राइम, आजमगढ़ के हेड कांस्टेबल सुखनन्दन सिंह, कांस्टेबल विकास कुमार, कांस्टेबल विशाल यादव, कांस्टेबल मुकेश कुमार, महिला कांस्टेबल प्रियंका गौड़ और महिला कांस्टेबल संज्ञा उपस्थित रहीं आजमगढ़ पुलिस ने आमजन से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने, अपनी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने तथा साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 या वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की।

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