भाजपा की चुनावी तैयारी तेज, यूपी प्रदेश कार्यसमिति घोषित; मोदी-योगी समेत 30 स्थायी आमंत्रित सदस्य
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और मिशन-2029 की तैयारियों को गति देने में जुटी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा कर दी है। पार्टी ने संगठनात्मक समीकरणों और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए प्रदेश कार्यसमिति में 548 सदस्यों को शामिल किया है। इसके अलावा 30 स्थायी आमंत्रित सदस्य और 134 विशेष आमंत्रित सदस्य बनाए गए हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को स्थायी आमंत्रित सदस्यों में जगह दी गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रदेश कार्यसमिति के सदस्यों और अन्य पदाधिकारियों को मिलाकर कुल 712 कार्यकर्ताओं का संगठनात्मक समायोजन किया गया है।
ब्रज क्षेत्र को सबसे अधिक प्रतिनिधित्व
प्रदेश कार्यसमिति में क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया गया है रिपोर्ट के अनुसार, 134 विशेष आमंत्रित सदस्यों में ब्रज क्षेत्र को सबसे अधिक प्रतिनिधित्व मिला है। यहां से 32 लोगों को शामिल किया गया है। वहीं, काशी क्षेत्र से 24, पश्चिम क्षेत्र से 23 और अवध क्षेत्र से 19 कार्यकर्ताओं को जगह दी गई है विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची में राष्ट्रीय पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्षों तथा अन्य प्रमुख नेताओं को भी शामिल किया गया है। पार्टी का उद्देश्य अनुभवी नेताओं और जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करना माना जा रहा है।
गोरखपुर क्षेत्र से 128 पदाधिकारियों को जगह
प्रदेश कार्यसमिति में गोरखपुर क्षेत्र से सबसे अधिक 128 पदाधिकारियों को स्थान मिला है। अवध क्षेत्र से 114 और काशी क्षेत्र से 108 लोगों को सूची में शामिल किया गया है। पार्टी नेतृत्व की ओर से क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर संगठन में जिम्मेदारियां देने की बात कही गई है।
30 और 31 अक्टूबर को होगी बैठक
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक 30 और 31 अक्टूबर को लखनऊ में प्रस्तावित बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल होंगे। इसमें संगठन की आगामी रणनीति, चुनावी तैयारियों और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर चर्चा होने की संभावना है।
भाजपा की इस संगठनात्मक कवायद को आगामी राजनीतिक चुनौतियों से पहले संगठन को मजबूत करने और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।








