मण्डलीय उप निदेशक (पंचायत) कार्यालय के नाम पर कूटरचित नियुक्ति पत्र और आदेश जारी करने का आरोप, होमगार्ड ग्राउंड के पास से पुलिस ने दबोचा
आजमगढ़, 31 अक्टूबर 2026। आजमगढ़ में सरकारी कार्यालय के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र और आदेश जारी कर धोखाधड़ी करने के मामले में थाना सिधारी पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर मण्डलीय उप निदेशक (पंचायत), आजमगढ़ मण्डल कार्यालय के नाम का दुरुपयोग कर कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का आरोप है।

कार्यालय की शिकायत पर दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस के अनुसार, कार्यालय मण्डलीय उप निदेशक (पंचायत), आजमगढ़ मण्डल में कनिष्ठ सहायक के पद पर तैनात सुनील कुमार सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर शिकायत की थी कि एक व्यक्ति द्वारा कार्यालय के नाम पर कूटरचित तरीके से फर्जी नियुक्ति पत्र और आदेश जारी किए गए हैं।
तहरीर के आधार पर थाना सिधारी में मुकदमा अपराध संख्या 443/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3) और 340(2) में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक नगर मानुष पारीक और क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी के पर्यवेक्षण में पुलिस ने कार्रवाई की।
31 अक्टूबर को उपनिरीक्षक मृत्युंजय सिंह पुलिस टीम के साथ अभियुक्त की तलाश में थे। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर होमगार्ड ग्राउंड के पास से सुबह करीब 11:25 बजे वांछित अभियुक्त रितेश मणि त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया गया।
कुशीनगर का निवासी है आरोपी
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान रितेश मणि त्रिपाठी (46 वर्ष), पुत्र सुभाष चन्द्र मणि त्रिपाठी, निवासी सवायां टोला मउववा, थाना कसया, जनपद कुशीनगर के रूप में हुई है। उसका वर्तमान पता कमिश्नरी कार्यालय के सामने, थाना सिधारी, जनपद आजमगढ़ बताया गया है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक मृत्युंजय सिंह, कांस्टेबल अवधेश गुप्ता और कांस्टेबल रणवीर यादव शामिल रहे, पुलिस के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध थाना सिधारी में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है और मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।







