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माटीकला महोत्सव के प्रचार-प्रसार हेतु प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना

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मिट्टी का हुनर, कारीगरों का सम्मान और स्वदेशी का संकल्प—यही माटीकला महोत्सव का संदेश है,आज से कलेक्ट्रेट अंबेडकर पार्क में माटीकला महोत्सव का भव्य शुभारंभ

आजमगढ़, 31 अक्टूबर 2026।उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा जनपद आजमगढ़ में 01 से 07 नवंबर 2026 तक डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क, कलेक्ट्रेट के सामने, आजमगढ़ में सात दिवसीय आजमगढ़ माटीकला महोत्सव-2026 का आयोजन किया जा रहा है। मेले में माटीकला के 25 स्टाल लगेंगे जिसमें मुख्य रूप से आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी, गोरखपुर के टेराकोटा शिल्प एवं अन्य जनपदों के मिट्टी से बने उत्पाद की बिक्री व प्रदर्शन का कार्य कारीगरों द्वारा किया जाएगा।

महोत्सव के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं अधिकाधिक जनसहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज प्रचार वाहन को जिला विकास अधिकारी संजय सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी हेमंत सिंह, जिला युवा कल्याण अधिकारी सुल्तान सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश गुप्ता एवं जिला ग्रामोद्योग अधिकारी दीपक मिश्रा द्वारा संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह प्रचार वाहन पूरे शहर में भ्रमण कर नागरिकों को महोत्सव में सहभागिता के लिए आमंत्रित करेगा तथा माटीकला उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़ाएगा।

महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ 02 नवंबर 2026 को सायं 04 बजे विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक जी द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार एवं मुख्य विकास अधिकारी कमलकिशोर देशभूषण कंडारकर सहित अन्य गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।

महोत्सव के अंतर्गत 02 नवंबर को आजमगढ़ शहर के तीन प्रमुख चौराहों पर दीपोत्सव कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने, स्थानीय कारीगरों के श्रम एवं हुनर को सम्मान देने तथा मिट्टी के पारंपरिक उत्पादों के उपयोग को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया जाएगा।

इस सात दिवसीय महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य प्रजापति समाज सहित जनपद के माटीकला से जुड़े परंपरागत कारीगरों एवं शिल्पकारों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना, उनके उत्पादों की बिक्री बढ़ाना तथा उनकी आजीविका को सुदृढ़ करना है। महोत्सव में मिट्टी के दीये, सजावटी दीप, मूर्तियां, पूजा सामग्री एवं अन्य कलात्मक माटीकला उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

जिला ग्रामोद्योग अधिकारी दीपक मिश्रा ने जनपदवासियों से अपील की कि वे अधिकाधिक संख्या में महोत्सव में पहुंचकर स्थानीय कारीगरों द्वारा निर्मित मिट्टी के उत्पादों की खरीदारी करें और इस दीपावली स्वदेशी अपनाकर अपने जनपद के कारीगरों के घरों में भी खुशियों का दीप जलाएं।

मिट्टी का हुनर, कारीगरों का सम्मान और स्वदेशी का संकल्प—यही माटीकला महोत्सव का संदेश है।

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