जेल अधीक्षक को निर्देश एवं सुझाव भी दिया…….
आजमगढ़: सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) एवं दीवानी न्यायालय आजमगढ़ की सचिव नितिका राजन ने मंगलवार को जिला कारागार आजमगढ़ का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण माननीय किशोर न्याय समिति, उच्च न्यायालय इलाहाबाद तथा जनपद न्यायाधीश के निर्देश पर किया गया।निरीक्षण के दौरान सचिव ने कारागार में स्थित बाल बैरक का विशेष रूप से जायजा लिया। जांच में पाया गया कि बाल बैरक में 18 से 21 वर्ष आयु वर्ग के कुल 57 बंदी निरुद्ध हैं, जिनमें 54 आजमगढ़ और 3 बलिया जनपद के निवासी हैं। अभिलेखों के भौतिक सत्यापन में कोई भी बंदी विधि विवादित किशोर श्रेणी में नहीं पाया गया।
बैरक में मौजूद बंदियों ने बताया कि उनके मुकदमों की पैरवी के लिए अधिवक्ता नामित हैं और उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं है। निरीक्षण के दौरान बैरक में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।
सचिव नितिका राजन ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि यदि किसी बंदी के किशोर होने के संबंध में न्यायालय से कोई आदेश प्राप्त होता है तो उसका तत्काल अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, यदि किसी बंदी को अपने मुकदमे की पैरवी के लिए अधिवक्ता की आवश्यकता हो तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को शीघ्र सूचित किया जाए।
इस दौरान जिला कारागार के अधिकारी, लीगल एड डिफेंस काउंसिल से जुड़े अधिवक्ता तथा पराविधिक स्वयंसेवक भी उपस्थित रहे।









