बजट खर्च, पेंशन और परियोजनाओं की हुई समीक्षा, अधिकारियों को समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश…
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की वित्तीय एवं प्रशासकीय विलंब समिति की समीक्षा बैठक रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सभापति डॉ. रतन पाल सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में समिति सदस्य विजय बहादुर पाठक सहित जनपद के सभी प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान विभिन्न विकास परियोजनाओं, बजट व्यय और प्रशासनिक मामलों की गहन समीक्षा की गई।

बैठक में चालू वित्तीय वर्ष के तहत विभागवार योजनाओं की प्रगति, स्वीकृत बजट और खर्च की स्थिति का आकलन किया गया। साथ ही जिन विभागों को अपेक्षित धनराशि नहीं मिल सकी, उनके प्रयासों और योजनाओं के लक्ष्य व उपलब्धियों पर भी चर्चा हुई। कार्यों में लापरवाही बरतने वाली कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। समिति ने जनवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच सेवानिवृत्त हुए कार्मिकों के पेंशन, ग्रेच्युटी व अन्य देयकों के भुगतान की स्थिति की जानकारी ली। इसके अलावा पदोन्नति, वेतनमान, मृतक आश्रित नियुक्ति, भूमि अधिग्रहण तथा वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई।
👉 स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनपद में 22 निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। बड़सरा खालसा में निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को मई अंत तक पूरा करने का आश्वासन दिया गया। वहीं वन विभाग ने इस वर्ष 19 लाख पौधरोपण तथा अन्य विभागों के सहयोग से कुल 54 लाख वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा है। सभापति ने पौधरोपण के साथ संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया।
👉 बैठक में आजमगढ़ विकास प्राधिकरण द्वारा मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत 173 एकड़ भूमि के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये प्राप्त होने तथा शेष राशि पीपीपी मॉडल से जुटाने की जानकारी दी गई। वहीं सठियांव चीनी मिल पर किसानों का 134 करोड़ रुपये बकाया बताया गया।
👉 पंचायती राज विभाग की समीक्षा में 25 अंत्येष्टि स्थलों के निर्माण की जानकारी दी गई। सभापति ने पंचायत भवनों में सचिवों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और नागरिक सेवाओं को सुगम बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला पंचायत और नगरीय निकायों को केवल सड़क-नाली निर्माण तक सीमित न रहकर डिजिटल लाइब्रेरी, सामूहिक विवाह घर, ओपन जिम और व्यावसायिक भवन जैसे जनहितकारी निर्माण कार्य कराने के निर्देश दिए।
👉 खाद्य सुरक्षा विभाग को त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की नियमित जांच करने और मिलावट पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए। वहीं विद्युत विभाग को शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और बिजली चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
👉 लोक निर्माण विभाग की समीक्षा में नरौली-भंवरनाथ मार्ग के चौड़ीकरण कार्य में तेजी लाने और बाधाएं दूर करने के निर्देश दिए गए। जल निगम द्वारा 1478 में से 534 परियोजनाओं के पूर्ण होने की जानकारी दी गई, जबकि एक नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
👉 शिक्षा विभाग को आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश सुनिश्चित कराने, विद्यालयों में प्राथमिक उपचार किट उपलब्ध कराने तथा नामांकन बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही लंबित मृतक आश्रित नियुक्तियों को शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया।
सभापति डॉ. रतन पाल सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को मानक और गुणवत्ता के साथ समयसीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक पात्र लोगों को लाभान्वित करने पर बल दिया।

जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने समिति को आश्वस्त किया कि दिए गए निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा और सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा कराया जाएगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, अपर पुलिस अधीक्षक चिराग जैन, डीएफओ आकांक्षा जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।









