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रेनबो अस्पताल विवाद पर अस्पताल प्रबंधन और आईएमए ने रखा पक्ष, बच्चे की अदला-बदली को बताया मानवीय त्रुटि

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रेनबो अस्पताल विवाद पर अस्पताल प्रबंधन और आईएमए ने रखा पक्ष, बच्चे की अदला-बदली को बताया मानवीय त्रुटि

आजमगढ़। सिधारी क्षेत्र स्थित रेनबो अस्पताल में नवजात शिशु की अदला-बदली को लेकर सामने आए विवाद के बाद अस्पताल प्रबंधन और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता कर अपना पक्ष रखा। प्रेसवार्ता में अस्पताल प्रशासन ने घटना को एक मानवीय भूल बताया, जबकि आईएमए ने निजी अस्पतालों में सुरक्षा और व्यवस्थागत चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला।

रोडवेज क्षेत्र के एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में रेनबो अस्पताल के प्रबंधक शशि पांडेय ने कहा कि हाल के दिनों में इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं हुईं, लेकिन वास्तविकता यह है कि अस्पताल के एक कर्मचारी से टैगिंग प्रक्रिया में त्रुटि हो गई थी। इसी कारण नवजात शिशुओं की पहचान में भ्रम की स्थिति बनी। उन्होंने कहा कि घटना जानबूझकर नहीं हुई और अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की है।

प्रबंधन के अनुसार, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अस्पताल की प्रक्रियाओं और निगरानी व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं। साथ ही मीडिया और सोशल मीडिया पर चल रही कथित लेन-देन की चर्चाओं को भी निराधार बताया गया।

प्रेसवार्ता में आईएमए के मीडिया प्रभारी डॉ. सुभाष सिंह ने कहा कि मामले को लेकर कई गलतफहमियां पैदा हो गई थीं, जिन्हें स्पष्ट करने के लिए यह संवाद आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों में सुरक्षा गार्ड या बाउंसर रखने का उद्देश्य केवल अस्पताल परिसर में व्यवस्था बनाए रखना होता है, न कि किसी प्रकार का दबाव बनाना।

डॉ. सिंह ने बताया कि कई बार बड़ी संख्या में तीमारदार एक साथ अस्पताल पहुंच जाते हैं या कुछ लोग आवेश में आकर स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार करने लगते हैं, जिससे अस्पताल का सामान्य कामकाज प्रभावित होता है। ऐसे में सुरक्षा कर्मियों की भूमिका केवल व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित होती है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी सुरक्षा कर्मी या अस्पताल कर्मचारी के व्यवहार को लेकर शिकायत मिलती है तो उस पर कार्रवाई की जाती है। आईएमए ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अस्पतालों, प्रशासन, मीडिया और आमजन के बीच सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रेसवार्ता में आईएमए के अन्य पदाधिकारी और चिकित्सक भी मौजूद रहे। अस्पताल प्रबंधन ने दोहराया कि घटना की समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो।

 

 

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