आजमगढ़: 5 साल से पुराने राजस्व मामले हर हाल में निपटाएं, DM रविंद्र कुमार के सख्त निर्देश!
आजमगढ़: जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण और राजस्व अभिलेखों के डिजिटलीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पांच वर्ष से अधिक पुराने कोई भी राजस्व वाद लंबित नहीं रहने चाहिए और सभी मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
कैंप कार्यालय से हाइब्रिड मोड में आयोजित बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी, एआईजी निबंधन, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और उपनिबंधक शामिल हुए।
डिजिटलीकरण पर विशेष जोर
डीएम ने निर्देश दिए कि सरकारी गाटों को छोड़कर सभी अशासकीय गाटों का विवरण संबंधित उपनिबंधक कार्यालयों को उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदारों के समन्वय से राजस्व अभिलेखों की 100 प्रतिशत ऑनलाइन प्रविष्टि तय समय में पूरी करने को कहा।
जनता दर्शन और कोर्ट संचालन नियमित हो
जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक जनता दर्शन में बैठकर लोगों की समस्याएं सुनने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व न्यायालयों का नियमित संचालन कर लंबित मामलों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
अवैध कब्जों पर सख्ती
भूमि पर बार-बार अवैध कब्जे की कोशिश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि भूमि संबंधी विवादों का स्थायी समाधान निकालना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
विकास योजनाओं के लिए उपलब्ध कराई जाए भूमि
अन्नपूर्णा भवन, स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य सरकारी परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में भूमि की कमी बाधा नहीं बननी चाहिए और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर प्रक्रिया पूरी की जाए।
लंबित मामलों की होगी नियमित निगरानी
डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों को ईआरके (ERK) पटल की नियमित मॉनिटरिंग करने और लंबित प्रकरणों की लगातार समीक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहित केंद्रित बनाते हुए सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं।








