पेपर लीक मुद्दे पर संसद तीसरे दिन भी ठप, विपक्ष के हंगामे से लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही बाधित
नई दिल्ली, 22 जुलाई। संसद का मानसून सत्र बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। नीट (NEET) सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के कथित पेपर लीक मामलों को लेकर विपक्ष के जोरदार विरोध के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और अंततः दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए पेपर लीक प्रकरण पर तत्काल विस्तृत चर्चा कराने की मांग की। विपक्ष का आरोप है कि देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों से करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है, इसलिए इस मुद्दे पर सरकार को सदन में जवाब देना चाहिए।विरोध दर्ज कराने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित विपक्ष के कई सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। सांसदों ने नारेबाजी और प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताया।
संसद के भीतर चर्चा के तरीके को लेकर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव बना रहा। विपक्ष नियम 267 के तहत अन्य सभी कार्यवाही स्थगित कर इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा चाहता है, जबकि सरकार का कहना है कि वह संसदीय नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार चर्चा के लिए तैयार है। भारी हंगामे, नारेबाजी और तख्तियां दिखाए जाने के कारण लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति को कई बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। पहले कार्यवाही दोपहर तक रोकी गई, लेकिन गतिरोध समाप्त न होने पर दोनों सदनों की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
पेपर लीक के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध के कारण मानसून सत्र के शुरुआती दिनों में सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी है। विपक्ष का कहना है कि जब तक इस विषय पर विस्तृत चर्चा नहीं होगी, उसका विरोध जारी रहेगा।








