NEET विवाद: NTA के 47 अधिकारियों को बर्खास्त किए जाने का दावा, सरकार ने कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए
नई दिल्ली। NEET पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में जारी विवाद के बीच राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि शिक्षा मंत्रालय ने NTA के 47 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटाने (टर्मिनेट) का फैसला लिया है। साथ ही, जिन अधिकारियों की भूमिका कथित रूप से संदिग्ध पाई जाएगी, उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की भी तैयारी की जा रही है।
बताया जा रहा है कि यह कदम NTA के पुनर्गठन की प्रक्रिया का हिस्सा है। हाल के महीनों में NEET समेत कई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों के बाद एजेंसी की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे थे। ऐसे में सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए व्यापक बदलावों की दिशा में आगे बढ़ रही है।
इधर, परीक्षा में पारदर्शिता की मांग को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध-प्रदर्शन जारी है। इसी बीच करीब 25–26 दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार की ओर से मिले आश्वासन के बाद अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। अस्पताल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया। वांगचुक ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर संसद में चर्चा होनी चाहिए और सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।
उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी NEET विवाद पर सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि पेपर लीक और नकल जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार सख्त कानून लागू कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।







