वर्षा ऋतु में सर्पदंश से बचाव की अपील, समय पर इलाज से बच सकती है जान: डीएम रविंद्र कुमार
आजमगढ़, 24 जुलाई 2026। वर्षा ऋतु में खेतों, झाड़ियों और जलभराव वाले क्षेत्रों में साँप निकलने की घटनाएं बढ़ने के मद्देनज़र जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने जनपदवासियों से सतर्क रहने और सर्पदंश से बचाव के प्रति जागरूक रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि थोड़ी-सी सावधानी और समय पर चिकित्सकीय उपचार से सर्पदंश से होने वाली मृत्यु एवं गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकता है।
जिलाधिकारी ने सलाह दी कि खेतों में कार्य करते समय ऊँचे जूते और दस्ताने पहनें, रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का उपयोग करें तथा घर और आसपास झाड़-झंखाड़, कूड़ा-कचरा एवं जलभराव न होने दें। उन्होंने फर्श पर सोने के बजाय चारपाई का उपयोग करने की भी सलाह दी।
सर्पदंश होने पर क्या करें
जिलाधिकारी ने कहा कि सर्पदंश की स्थिति में घबराने के बजाय पीड़ित को शांत रखें और काटे गए अंग को यथासंभव स्थिर रखें। पीड़ित को बिना देर किए निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल पहुंचाएं। यदि सुरक्षित हो तो साँप का रंग या पहचान याद रखने का प्रयास करें, लेकिन उसे पकड़ने या मारने का प्रयास बिल्कुल न करें!
क्या न करें
उन्होंने स्पष्ट किया कि झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या किसी भी प्रकार के अंधविश्वास का सहारा न लें। काटे गए स्थान पर चीरा न लगाएं, जहर चूसने की कोशिश न करें और न ही रस्सी, कपड़ा या तार से प्रभावित अंग को कसकर बांधें। घाव पर किसी प्रकार की जड़ी-बूटी, तेल या रसायन लगाने से भी बचें।
वैज्ञानिक उपचार ही प्रभावी
जिलाधिकारी ने बताया कि सर्पदंश का एकमात्र प्रभावी और वैज्ञानिक उपचार एंटी स्नेक वेनम (ASV) है, जो सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है। आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सक ऑक्सीजन, अंतःशिरा (IV) द्रव, दर्द नियंत्रण, रक्त परीक्षण, रक्तस्राव की निगरानी, श्वसन सहायता (वेंटिलेशन) सहित अन्य आवश्यक उपचार भी उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने कहा कि समय पर अस्पताल पहुंचने से अधिकांश मरीजों का सफलतापूर्वक उपचार संभव है।
स्वास्थ्य विभाग को दिए निर्देश
डीएम रविंद्र कुमार ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए हैं कि जनपद के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में एंटी स्नेक वेनम (ASV), आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं और प्रशिक्षित चिकित्सा टीम की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही आशा, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से गांव-गांव जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि सर्पदंश की किसी भी घटना में बिना समय गंवाए निकटतम सरकारी अस्पताल पहुंचें और केवल वैज्ञानिक एवं चिकित्सकीय उपचार पर ही भरोसा करें। उन्होंने कहा कि आपकी सतर्कता और समय पर उपचार किसी व्यक्ति का जीवन बचा सकता है।







