आजमगढ़ पहुंचे अखिलेश यादव, भाजपा पर साधा निशाना; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को बताया युवाओं की जीत
आजमगढ़, 25 जुलाई 2026। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शनिवार को पूर्व विधायक आलमबदी आजमी के निधन पर शोक व्यक्त करने उनके आवास पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर हमला बोला।
अखिलेश यादव ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं के आंदोलन की जीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट की तैयारी कर रहे युवाओं के देशभर में हुए आंदोलन के दबाव में सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि पेपर लीक इसलिए कराए जा रहे हैं ताकि युवाओं को नौकरियां न देनी पड़ें। उन्होंने कहा, “किसी का हक नहीं मारा जाना चाहिए। वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा।”
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी दुख की इस घड़ी में आलमबदी आजमी के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उनके अनुसार, आलमबदी आजमी ने अपना पूरा जीवन जनता की सेवा में समर्पित किया और हमेशा भाईचारे की राजनीति को बढ़ावा दिया।
आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर हो रही कार्रवाई को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि यह कार्रवाई राजनीति और नफरत की सोच का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रही है।
शिक्षा व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए सपा प्रमुख ने दावा किया कि गोरखपुर में 500 और आजमगढ़ में 600 प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आज का युवा इंटरनेट के माध्यम से संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद कर रहा है और आने वाले समय में जनता बदलाव के पक्ष में मतदान करेगी।
गौरतलब है कि निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रहे आलमबदी आजमी का बुधवार देर रात 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। वे पिछले कई महीनों से बीमार थे और लखनऊ के मेदांता अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। गुरुवार को आजमगढ़ के जामियातुर रशाद कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग अंतिम विदाई देने पहुंचे।








