आजमगढ़: पात्र युवाओं को ऋण देने में देरी नहीं होगी बर्दाश्त, डीएम ने बैंकों को दिए सख्त निर्देश
आजमगढ़। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत हरिऔध कला केंद्र में आयोजित क्षमता संवर्धन कार्यशाला में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने बैंक अधिकारियों को पात्र युवाओं के ऋण आवेदनों का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वीकृत आवेदनों का ऋण वितरण अनावश्यक विलंब के बिना किया जाए, ताकि युवा जल्द से जल्द अपना उद्यम शुरू कर सकें।कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के प्रति जागरूक करना, उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी देना तथा बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर उद्यम स्थापना के लिए प्रोत्साहित करना था। इसमें आईटीआई, पॉलिटेक्निक और महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के पात्र युवाओं को बिना गारंटी और ब्याज मुक्त 5 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला उद्यमी बनाना है।उन्होंने बताया कि योजना के तहत आजमगढ़ में अब तक 5 हजार से अधिक युवाओं को ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है, जिससे जनपद प्रदेश में अग्रणी स्थान पर है। हालांकि उन्होंने कहा कि अभी भी कई पात्र युवाओं तक योजना का लाभ पहुंचाना बाकी है, जिसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है।डीएम ने युवाओं से अपील की कि वे ऋण का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए करें, जिसके लिए उसे प्राप्त किया गया है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और मेहनत से उद्यम स्थापित कर युवा आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं।कार्यशाला में उपायुक्त उद्योग आशुतोष श्रीवास्तव ने योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और बैंकिंग संबंधी जानकारी दी। बैंक प्रतिनिधियों ने भी ऋण वितरण प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए युवाओं के प्रश्नों का उत्तर दिया।इस अवसर पर सहायक आयुक्त उद्योग प्रभात रंजन, एलडीएम अभिषेक द्विवेदी, विभिन्न बैंकों के अधिकारी, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।








