साइबर फ्रॉड के खिलाफ आजमगढ़ पुलिस की कार्रवाई, 9 पीड़ितों को लौटाए ₹54,407
आजमगढ़। साइबर अपराध के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए आजमगढ़ पुलिस की थाना देवगांव और थाना कोतवाली की साइबर टीम ने पीड़ितों को राहत दिलाई है। पुलिस ने साइबर फ्रॉड के मामलों में कुल ₹54,407 की धनराशि वापस कराई है। पुलिस के मुताबिक, पीड़ितों ने समय रहते साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद साइबर टीम ने कार्रवाई करते हुए फ्रॉड की रकम को होल्ड कराया।

फोन-पे के जरिए हुआ था ₹65,300 का फ्रॉड
थाना देवगांव क्षेत्र के रणमो निवासी रामनरायन यादव के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खाते से फोन-पे के माध्यम से ₹65,300 की साइबर ठगी हुई थी। पीड़ित ने घटना की जानकारी तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दी।
शिकायत मिलने के बाद थाना देवगांव की साइबर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फ्रॉड की धनराशि को होल्ड कराया। इसके बाद न्यायालय के आदेश के माध्यम से ₹49,907 की धनराशि पीड़ित के खाते में वापस कराई गई। पुलिस के अनुसार, शेष धनराशि की वापसी के लिए आवश्यक कार्रवाई जारी है।
बिना जानकारी खाते से कटे ₹48,500
वहीं, थाना कोतवाली क्षेत्र के खत्रीटोला निवासी अमन गुप्ता के खाते से उनकी जानकारी के बिना ₹48,500 की धनराशि कट गई थी। पीड़ित ने तत्काल 1930 पर साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई।
थाना कोतवाली की साइबर टीम ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए ₹4,500 की धनराशि पीड़ित के खाते में वापस कराई।
पुलिस के मुताबिक, दोनों मामलों में कुल ₹54,407 की धनराशि पीड़ितों को वापस कराई गई। रकम वापस मिलने के बाद पीड़ितों ने आजमगढ़ पुलिस की साइबर टीम के प्रति आभार जताया।
पुलिसकर्मियों ने की कार्रवाई
थाना देवगांव की टीम में थानाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह, उपनिरीक्षक पंकज कुमार सिंह, कांस्टेबल विपिन यादव, रिजर्व कांस्टेबल प्रवीण कुशवाहा और रिजर्व महिला कांस्टेबल नन्दिनी तिवारी शामिल रहीं।
थाना कोतवाली की टीम में उपनिरीक्षक सागर कुमार रंगू, कांस्टेबल नीरज पटेल और कांस्टेबल राजन कुमार गौड़ शामिल रहे।
पुलिस ने की साइबर फ्रॉड से बचने की अपील
आजमगढ़ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि साइबर फ्रॉड होने पर घबराएं नहीं और बिना देरी किए 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत करने तथा संबंधित बैंक को तत्काल सूचना देने की सलाह दी गई है। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को होल्ड कराकर वापस कराने की संभावना बढ़ जाती है।








