हरिऔध कला केंद्र में सजी कजरी की महफिल, पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव की प्रस्तुति ने बांधा समां
आजमगढ़। हरिऔध कला केंद्र में इन दिनों कजरी की मधुर धुनों से पूरा माहौल खुशनुमा हो गया है कजरी महोत्सव का भव्य शुभारंभ विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक और पद्मश्री कजरी गायिका उर्मिला श्रीवास्तव, मिर्जापुर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

महोत्सव में पद्मश्री एवं प्रसिद्ध कजरी गायिका उर्मिला श्रीवास्तव ने अपनी शानदार प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया उनकी आवाज में कजरी के पारंपरिक रंग और लोक संस्कृति की मिठास साफ नजर आई।

कार्यक्रम के दौरान “पिया मंगाए दा मेहंदी, मोतीझील से…” और “हमरी अटरिया पे आजा रे सांवरिया, देखा-देखी बलम होई जाए” जैसे लोकप्रिय कजरी गीतों ने माहौल को और भी मनमोहक बना दिया।

वहीं, “कइसे खेले जइबू सावन में कजरिया, बदरिया घेरी आइल ननदी…” की प्रस्तुति पर श्रोता लोक संगीत के रंग में पूरी तरह रंग गए कजरी की पारंपरिक धुनों और गायकी ने सावन की यादों को जीवंत कर दिया।

कजरी महोत्सव के आयोजन से हरिऔध कला केंद्र में लोक संस्कृति और संगीत का सुंदर संगम देखने को मिला कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने प्रस्तुतियों का आनंद लिया और कलाकारों की सराहना की!

महोत्सव के माध्यम से पूर्वांचल की समृद्ध लोक परंपरा और कजरी संगीत को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।








