आजमगढ़,चार साइबर फ्रॉड मामलों में पुलिस ने वापस कराए ₹2.37 लाख, पीड़ितों को मिली राहत
आजमगढ़, 28 सितंबर। जिले में साइबर फ्रॉड के खिलाफ आजमगढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई से चार पीड़ितों की कुल ₹2,37,000 की ठगी गई धनराशि वापस कराई गई। थाना निजामाबाद, कोतवाली, बरदह और गंभीरपुर क्षेत्र में साइबर ठगी के अलग-अलग मामले सामने आए थे।
ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर ₹95 हजार की ठगी
थाना निजामाबाद क्षेत्र में 30 मई 2026 को ऑनलाइन शॉपिंग के माध्यम से पीड़िता के साथ ₹95,000 का साइबर फ्रॉड हुआ था। पीड़िता ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर टीम ने कार्रवाई करते हुए पूरी धनराशि संबंधित बैंक खाते में होल्ड कराई। न्यायालय के आदेश के बाद 17 सितंबर को ₹95,000 पीड़िता के खाते में वापस कराए गए।
नौकरी लगवाने के नाम पर ₹75 हजार की ठगी
थाना कोतवाली क्षेत्र में अज्ञात व्यक्ति ने नौकरी लगवाने के नाम पर पीड़िता को विश्वास में लेकर ₹75,000 ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद आरोपी ने मोबाइल बंद कर लिया। शिकायत पर साइबर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरी रकम होल्ड कराई और न्यायालय के आदेश के माध्यम से ₹75,000 पीड़िता के खाते में वापस कराए।
क्रेडिट कार्ड से ₹52 हजार की ऑनलाइन खरीदारी
थाना बरदह क्षेत्र में 10 सितंबर 2026 को पीड़िता का फोन हैक कर क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ₹52,000 की ऑनलाइन खरीदारी कर साइबर फ्रॉड किया गया। साइबर हेल्प डेस्क टीम ने संबंधित ऑनलाइन मर्चेन्ट से तत्काल संपर्क कर ऑर्डर कैंसिल कराया और पूरी ₹52,000 की धनराशि वापस कराई।
फर्जी कॉल और UPI के जरिए ₹10 हजार की ठगी
थाना गंभीरपुर क्षेत्र में फर्जी कॉल के जरिए आवेदक को विश्वास में लेकर UPI/पेटीएम के माध्यम से ₹10,000 का साइबर फ्रॉड किया गया। शिकायत मिलने पर साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से तत्काल कार्रवाई करते हुए रकम फ्रीज/होल्ड कराई गई। नियमानुसार प्रक्रिया के तहत ₹10,000 आवेदक के खाते में वापस कराए गए।
इस प्रकार चारों मामलों में पुलिस ने कुल ₹2,37,000 की साइबर फ्रॉड की धनराशि पीड़ितों को वापस कराई। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ितों ने पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया।
पुलिस की आमजन से अपील
पुलिस ने अपील की है कि साइबर फ्रॉड होने पर बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा [राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल](https://www.cybercrime.gov.in/?utm_source=chatgpt.com) पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV और बैंक से संबंधित गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें और अपने बैंक को भी तत्काल सूचित करें।








