07 मामलों में दोनों पक्षों को बुलाया गया, 06 मामलों में हुई उपस्थिति; मध्यस्थता के जरिए परिवारों में सुलह का प्रयास
दिनांक: 30 सितंबर 2026 | जनपद: आजमगढ़
आजमगढ़। पारिवारिक विवादों को आपसी बातचीत और मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने के उद्देश्य से आजमगढ़ पुलिस के परिवार परामर्श प्रकोष्ठ/नई किरण में आयोजित बैठक के दौरान तीन पारिवारिक प्रकरणों में समझौता कराया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक यातायात/नोडल अधिकारी महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के पर्यवेक्षण में बुधवार, 30 सितंबर 2026 को थाना कोतवाली परिसर स्थित परिवार परामर्श प्रकोष्ठ में बैठक आयोजित की गई।
07 पत्रावलियों पर हुई कार्रवाई, 03 में समझौता
पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, बैठक में कुल सात पत्रावलियों में संबंधित दोनों पक्षों को फोन और नोटिस के माध्यम से सूचित कर मध्यस्थता के लिए बुलाया गया था। इनमें छह पत्रावलियों में दोनों पक्ष उपस्थित हुए। प्रकोष्ठ की टीम ने संबंधित पक्षों की समस्याओं को सुना और आपसी बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने का प्रयास किया। इसके परिणामस्वरूप तीन मामलों में आपसी सहमति से समझौता कराया गया, जबकि एक प्रकरण को अन्य कारण से बंद किया गया।
दहेज उत्पीड़न और भरण-पोषण से जुड़े थे मामले
समझौते वाले तीन प्रकरणों में दो मामले दहेज की मांग को लेकर पति एवं ससुराल पक्ष द्वारा कथित शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना से संबंधित थे। वहीं, एक मामला पति के दूसरी महिला के संपर्क में रहने, पत्नी से बातचीत नहीं करने और भरण-पोषण के लिए खर्च नहीं देने की शिकायत से जुड़ा था।
परिवार परामर्श प्रकोष्ठ की टीम ने दोनों पक्षों की बात सुनकर उन्हें समझाया और आपसी सामंजस्य स्थापित कराने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, प्रयासों के बाद तीनों मामलों में सहमति से समझौता कराया गया।
इन तीन प्रकरणों में हुआ समझौता
सुधा यादव, पुत्री रामप्रसाद यादव, ग्राम शेखपुर, थाना जीयनपुर, जनपद आजमगढ़।
हुस्ना बानो, पत्नी अशरफ रजा, ग्राम पुरा गुलाम, थाना मुबारकपुर, जनपद आजमगढ़।
कंचन, पुत्री हरीराम, ग्राम देवरिया, थाना कप्तानगंज, जनपद आजमगढ़।
पारिवारिक विवादों के समाधान में नई किरण की भूमिका
नई किरण परियोजना के माध्यम से पारिवारिक विवादों को संवाद, समझ-बूझ और मध्यस्थता के जरिए सुलझाने का प्रयास किया जाता है। इसका उद्देश्य परिवारों के बीच आपसी सामंजस्य स्थापित करना और पारिवारिक विवादों के समाधान में मदद करना है। इस पहल से न्यायालयों में लंबित पारिवारिक मामलों का बोझ कम करने में भी सहयोग मिलने की उम्मीद रहती है।
बैठक में यह पुलिस टीम रही मौजूद
बैठक में उपनिरीक्षक महेन्द्र प्रसाद तिवारी, उपनिरीक्षक सत्यनारायण यादव, आरक्षी जितेन्द्र कुमार साह, आरक्षी सुनील कुमार गुप्ता और महिला आरक्षी नेहा सिंह उपस्थित रहीं।








