गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी का जलस्तर बढ़ने से मची तबाही, पुल भी बहा; 50 से अधिक लोगों को सुरक्षित बचाया गया
काठमांडू/गोरखा। नेपाल में एक बार फिर बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। रविवार सुबह गोरखा जिले के उत्तरी हिस्से में अचानक आई बाढ़ से बूढ़ी गंडकी नदी के किनारे बसे इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। बाढ़ के तेज बहाव में तीन दर्जन से अधिक मकान और एक झूला पुल बह गए। इस आपदा में कम से कम 10 लोगों के लापता होने की सूचना है। वहीं, 50 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बाढ़ से दो जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है जानकारी के मुताबिक, नेपाल के भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई विनाशकारी बाढ़ के करीब डेढ़ महीने बाद एक बार फिर बाढ़ ने तबाही मचाई है। इस बार गोरखा जिले की बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। नदी का पानी तेजी से आसपास की बस्तियों में घुस गया, जिससे कई घर बह गए और लोगों को जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा।
दो जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान
बाढ़ के कारण बूढ़ी गंडकी नदी पर स्थित दो जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है। नदी के तेज बहाव में पुल और अन्य ढांचे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा, चुमनुब्री क्षेत्र में निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना के स्थल पर बनाए गए निर्माण शिविर और कुछ उपकरण भी बाढ़ की चपेट में आकर बह गए स्थानीय प्रशासन के अनुसार, बाढ़ के कारण चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के विभिन्न इलाकों में मकानों को नुकसान पहुंचा है। कई परिवार प्रभावित हुए हैं और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।
लोकपा और चुमलिंग के बीच बढ़ा खतरा
अधिकारियों का मानना है कि लोकपा और चुमलिंग के बीच बूढ़ी गंडकी की सहायक नदी में मलबा और अन्य अवरोध जमा होने के कारण यह स्थिति पैदा हुई। रविवार सुबह अचानक पानी का बहाव बढ़ने से नदी किनारे बसे इलाकों में बाढ़ आ गई बाढ़ के बाद स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के क्षेत्रों में तेज बहाव की आवाज सुनाई देने के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। कई पर्यटक भी अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित जगहों पर पहुंचे।
नेपाली सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने संभाला मोर्चा
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। अधिकारियों ने नेपाली सेना समेत सुरक्षा एजेंसियों को अभियान में लगाया है। खबर के मुताबिक, 50 से अधिक लोगों को सुरक्षित बचाया गया और बाढ़ में फंसे लोगों को हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया प्रशासन की ओर से लापता लोगों की तलाश और प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, लापता लोगों के बारे में अभी तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अगस्त में भी आई थी विनाशकारी बाढ़
नेपाल में इससे पहले 26 अगस्त को भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई बाढ़ में 1,400 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जबकि हजारों लोग अब भी लापता बताए गए थे। लगातार प्राकृतिक आपदाओं के कारण नेपाल के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है फिलहाल बूढ़ी गंडकी नदी के आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना और बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करना है।








