अब पूरा देश बनेगा जंतर-मंतर! सीजेपी ने दिल्ली पुलिस के फैसले पर उठाए सवाल
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर से प्रदर्शन स्थल हटाकर धरना-प्रदर्शन के लिए नए वैकल्पिक स्थान निर्धारित किए जाने पर सीजेपी (CJP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार पर विरोध की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भले ही जंतर-मंतर को सूची से हटा दिया गया हो, लेकिन अब पूरा देश जंतर-मंतर बनेगा अभिजीत दीपके ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है प्रदर्शन स्थल में बदलाव को लेकर उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए और इसे विरोध की आवाज सीमित करने की कोशिश बताया वहीं, पार्टी नेता आशुतोष रांका ने वैकल्पिक प्रदर्शन स्थलों को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रदर्शन स्थल माउंट एवरेस्ट ही घोषित कर देना चाहिए। दूसरी ओर, सौरव दास ने इस फैसले को नागरिकों के शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने और विरोध दर्ज कराने के मौलिक अधिकार पर सीधा हमला करार दिया।
समाचार में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस मुख्यालय ने नागरिकों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन की सुविधा देने के लिए तीन नए वैकल्पिक स्थल-रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान-निर्धारित किए हैं। इन स्थानों पर धरना-प्रदर्शन के लिए जल्द ही संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी किए जाने की बात कही गई है बताया गया है कि दिल्ली पुलिस का यह आदेश 28 अप्रैल 2022 के पूर्व स्थायी आदेश में आंशिक संशोधन करके लागू किया गया है मुख्य सवाल। क्या प्रदर्शन स्थलों में बदलाव से नागरिकों के विरोध दर्ज कराने के अधिकार पर असर पड़ेगा? इस मुद्दे पर सीजेपी की प्रतिक्रिया ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर बहस तेज कर दी है।








