भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा चक्रवाती तूफान ‘अर्णव’, नौ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान ‘अर्णव’ तेजी से शक्तिशाली होकर भारत के तटीय और आंतरिक क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है। समाचार-पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, तूफान के प्रभाव से कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। मौसम की स्थिति को देखते हुए संबंधित एजेंसियों को सतर्क किया गया है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की तैयारियां की जा रही हैं।
140 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार
चक्रवाती तूफान के दौरान हवा की रफ्तार 140 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। तूफान के कारण तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में इसका सबसे अधिक खतरा बताया गया है मौसम संबंधी अनुमान के मुताबिक, तूफान का प्रभाव तटीय इलाकों तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि देश के आंतरिक हिस्सों में भी भारी बारिश और जलभराव जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
नौ राज्यों में भारी बारिश की आशंका
आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसके अलावा पूर्वी गुजरात और विदर्भ के कुछ क्षेत्रों में भी बारिश की संभावना बताई गई है रिपोर्ट के अनुसार, 27 और 28 अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश में तूफान का गंभीर असर दिखाई देने की आशंका है। ओडिशा में भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 28 और 29 अक्टूबर तथा तेलंगाना और विदर्भ में 28 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
बिहार, झारखंड और यूपी में भी मौसम बिगड़ने की आशंका
रिपोर्ट में बिहार में 29 और 30 अक्टूबर तथा झारखंड में 29 अक्टूबर को भारी बारिश का अनुमान दिया गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई गई है।
केंद्र ने राहत एवं बचाव एजेंसियों को किया सतर्क
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और तीनों सेनाओं की राहत एवं बचाव टीमों को तैयार रखा है। संबंधित एजेंसियों को प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सेवाएं, राहत सामग्री और बचाव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि समुद्र तट से टकराने के बाद तूफान का प्रभाव तुरंत समाप्त होने की संभावना नहीं है। ऐसे में प्रभावित राज्यों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखना और प्रशासनिक तैयारियां बनाए रखना जरूरी होगा।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
संभावित खराब मौसम को देखते हुए लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करना चाहिए। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग समुद्र के पास जाने से बचें और तेज हवाओं तथा भारी बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव की स्थिति में सतर्क रहने की जरूरत है।








