ADMM-प्लस सम्मेलन में रक्षा मंत्री ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकी गतिविधियों के खिलाफ भारत के स्पष्ट रुख का उदाहरण, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता सामूहिक प्रयासों से ही संभव
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत आसियान और उसके संवाद साझेदार देशों के साथ आतंकवाद-रोधी अभियानों में अपने व्यावहारिक अनुभव साझा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपने संघर्ष और अनुभवों को साझा करने के लिए प्रतिबद्ध है। रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर को पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकी गतिविधियों के खिलाफ भारत के स्पष्ट रुख का उदाहरण बताया फिलीपींस के सीबू में गुरुवार को आयोजित आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (एडीएमएम-प्लस) के सम्मेलन को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ऐसे सुरक्षित और मजबूत हिंद-प्रशांत क्षेत्र का समर्थन करता है, जहां शांति और स्थिरता केवल आकांक्षाएं न हों, बल्कि सामूहिक प्रयासों का परिणाम हों।
ऑपरेशन सिंदूर को बताया आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख का उदाहरण
रक्षा मंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख का एक बड़ा उदाहरण पिछले साल चलाया गया ऑपरेशन सिंदूर था। इस अभियान में बड़ी संख्या में आतंकी ढांचों को नष्ट किया गया। उन्होंने कहा कि यह अभियान पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत के स्पष्ट रुख का ऐलान भी था पाकिस्तान की ओर से भारत के खिलाफ आतंकवाद के इस्तेमाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की हर रणनीति को वास्तविक अभियानों में परखा गया है और वह सफल साबित हुई है। भारत का अनुभव बताता है कि आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए स्पष्ट नीति, मजबूत संकल्प और ठोस प्रयास जरूरी हैं।
समुद्री व्यापार मार्गों की बाधाओं पर भी जताई चिंता
राजनाथ सिंह ने आसियान सदस्य देशों और उसके संवाद साझेदारों के रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में समुद्री व्यापार मार्गों में आ रही बाधाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र और व्यापक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत एक भरोसेमंद नेट सुरक्षा प्रदाता के रूप में काम करता रहेगा उन्होंने कहा कि आज वैश्विक व्यापार मार्गों को नए प्रकार के अंतरराष्ट्रीय खतरों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में केवल समुद्री सुरक्षा पर बयान जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि चुनौतियों से निपटने के लिए ठोस और सामूहिक प्रयास करने की जरूरत है।
संवाद साझेदारों के साथ अनुभव साझा करने की तैयारी
रक्षा मंत्री ने दोहराया कि भारत एडीएमएम-प्लस के साझेदार देशों के साथ आतंकवाद-रोधी अभियानों में अपने व्यावहारिक और युद्ध के मैदान में परखे हुए अनुभव साझा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी देशों के बीच सहयोग और आपसी समन्वय को महत्वपूर्ण बताया राजनाथ सिंह के संबोधन में आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति, ऑपरेशन सिंदूर का अनुभव, समुद्री सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सामूहिक सहयोग का संदेश प्रमुखता से सामने आया।








