‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ हरिनगर में उतरे भाजपा नेता, 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी पर राहुल गांधी की रैली को लेकर जताई नाराजगी
नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी गठबंधन की ओर से आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली के जवाब में भाजपा ने रविवार को हरिनगर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकाली। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने 1984 के सिख विरोधी दंगों की 42वीं बरसी के दिन रैली आयोजित कर सिख समुदाय के पुराने जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है।
पदयात्रा का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने किया। इस दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा सहित पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। भाजपा नेताओं ने काली पट्टी बांधकर कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ विरोध जताया केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि 42 वर्ष पहले दिल्ली में जो हुआ, वह कोई सामान्य दंगा नहीं, बल्कि मानवता के खिलाफ अपराध और सुनियोजित नरसंहार था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के पीड़ित परिवारों को आज भी न्याय का इंतजार है भाजपा नेताओं ने कहा कि विपक्ष की रैली के माध्यम से सिख समुदाय की पीड़ा को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कांग्रेस से 1984 की घटनाओं के लिए जिम्मेदारी स्वीकार करने और पीड़ित परिवारों से पश्चाताप करने की मांग की।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
पदयात्रा के दौरान भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित विपक्षी रैली पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों की बात करने वाली कांग्रेस को पहले अपने राजनीतिक इतिहास और 1984 की घटनाओं पर जवाब देना चाहिए।असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी वोट चोरी के आरोपों पर राहुल गांधी और कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि वोट चोरी की शुरुआत राहुल गांधी के दादा-नाना के समय से हुई थी। सरमा ने आरोप लगाया कि सरदार पटेल की जगह जवाहरलाल नेहरू को प्रधानमंत्री बनाना भी वोट चोरी का उदाहरण था।भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस को लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले अपने अतीत का जवाब देना चाहिए।







