रिश्ते से उठा विश्वास, पुलिस को घुमाता रहा पति, शक होने पर खुला राज….
रामपुर (यूपी)। स्वार-बाजपुर रोड पर 25 फरवरी की रात कार में आग लगने से महिला सिपाही और उसके दो साल के बेटे की मौत का मामला अब हत्या में बदल गया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश के तहत की गई हत्या थी। इस वारदात को अंजाम देने में सिपाही के पति, देवर समेत पांच लोग शामिल थे। पुलिस ने घटना के 40 दिन बाद मामले का खुलासा करते हुए पति समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो आरोपी अब भी फरार हैं।

मृतका लता (25) उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही थी और श्रावस्ती जिले में तैनात थी। उसकी शादी वर्ष 2022 में मिलक थाना क्षेत्र के बेहटरा गांव निवासी दान सिंह से हुई थी। 25 फरवरी को दान सिंह अपनी पत्नी, दो वर्षीय बेटे लड्डू और ममेरे भाई रवि के साथ नैनीताल घूमने गया था। लौटते समय काशीपुर के पास कार में आग लगने से लता और उसके बेटे की जलकर मौत हो गई थी।
👉 पहले गढ़ी गई हादसे की कहानी
घटना के बाद दान सिंह ने पुलिस को बताया था कि एक तेज रफ्तार डंपर ने उनकी कार को टक्कर मार दी, जिससे पेट्रोल टंकी फट गई और कार आग का गोला बन गई। उसने दावा किया था कि वह और उसका भाई किसी तरह बाहर निकल गए, लेकिन लता और बच्चा कार में फंस गए।
👉 जांच में खुली साजिश की परतें
पुलिस को शुरुआती पूछताछ में ही दान सिंह और रवि के बयानों में विरोधाभास मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में लता के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किए जाने की पुष्टि हुई, जिससे शक गहरा गया। वहीं फॉरेंसिक जांच में कार के किसी हादसे का शिकार होने के प्रमाण नहीं मिले, बल्कि उसे जानबूझकर आग लगाने की बात सामने आई। कॉल डिटेल और लोकेशन ट्रेसिंग के आधार पर पुलिस ने नूर हसन, प्रदीप और सलमान की भूमिका भी उजागर की। 4 अप्रैल को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ करने पर दान सिंह ने पूरा सच कबूल कर लिया।

👉 अफेयर, बीमा और मुआवजा बना हत्या की वजह
पूछताछ में सामने आया कि दान सिंह का दूसरी महिला से संबंध था और वह पत्नी से छुटकारा पाना चाहता था। साथ ही, बीमा और मुआवजे की रकम भी हत्या की बड़ी वजह थी। उसने पहले पत्नी और बच्चे को पहाड़ से नीचे धकेलने की योजना बनाई, लेकिन मौका न मिलने पर साथियों के साथ मिलकर कार में आग लगाने की साजिश रची।

👉 आरोप है कि कार में आग लगाने के बाद जब लता जिंदा बच गई तो उसे दूसरी कार में ले जाकर हथौड़ी से सिर पर कई वार कर हत्या कर दी गई।
👉 पहली पत्नी की मौत भी संदेह के घेरे में
जांच में यह भी सामने आया कि दान सिंह की पहली पत्नी की मौत भी वर्ष 2020 में कार हादसे में हुई थी। हालांकि उस समय कोई मामला दर्ज नहीं हुआ था, लेकिन इस घटना के बाद वह भी संदेह के घेरे में आ गई है।

👉 तीन आरोपी गिरफ्तार, दो फरार
पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड में दान सिंह, रवि, प्रदीप, नूर हसन और सलमान शामिल थे। इनमें से दान सिंह, नूर हसन और सलमान को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि रवि और प्रदीप फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

👉 एसपी सोमेंद्र मीणा ने मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।









