नगर में मूलभूत सुविधाओं का हो रहा विकास…..
गोरखपुर। महायोगी गुरु गुरु गोरखनाथ की पावन नगरी गोरखपुर में गुरुवार को विकास का बड़ा अध्याय जुड़ा, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ₹1,055 करोड़ की लागत से तैयार 497 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, शहरी विकास और स्वच्छता से जुड़े कार्य प्रमुख रूप से शामिल हैं, जो पूर्वांचल क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को और मजबूत करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को सम्मान-पत्र प्रदान किए। साथ ही ‘स्वच्छ स्कूल अभियान’ का पोस्टर जारी करते हुए उसकी टूलकिट का विमोचन किया। नगर निगम के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए अत्याधुनिक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीते नौ वर्षों में “डबल इंजन सरकार” के प्रयासों से गोरखपुर में कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और शहरी बुनियादी ढांचे में व्यापक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि पहले जो क्षेत्र विकास से अछूते थे, वहां अब सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं।

सीएम योगी ने विशेष रूप से ‘कचरे को कंचन’ में बदलने की अवधारणा पर जोर देते हुए नगर निगम की पहल की सराहना की। उन्होंने नगर निगम गोरखपुर के महापौर, पार्षदों, नगर आयुक्त और पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में गोरखपुर मॉडल अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणादायक बन रहा है।

योजना के अनुसार अनुसार, इन परियोजनाओं में शहरी सड़कों का चौड़ीकरण, जलनिकासी व्यवस्था में सुधार, नई पेयजल योजनाएं, स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन और स्मार्ट सिटी से जुड़े कार्य भी शामिल हैं। इससे न केवल शहर की आधारभूत संरचना मजबूत होगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

कार्यक्रम में सांसद रवि किशन सहित जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की उपस्थिति रही। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य गोरखपुर को पूर्वांचल का प्रमुख विकास केंद्र बनाना है, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ स्वच्छ और सुगम शहरी जीवन सुनिश्चित किया जा सके।









