राजधानी में महिला सुरक्षा पर लगा बड़ा प्रश्न चिन्ह…..
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में एक चलती प्राइवेट बस में महिला से सामूहिक दुष्कर्म की सनसनीखेज वारदात ने महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली के रानी बाग इलाके में हुई इस घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बस चालक और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में अब परिवहन विभाग की बड़ी लापरवाही और संभावित मिलीभगत भी सामने आ रही है।
पीड़िता के अनुसार, वह प्राइवेट बस में सफर कर रही थी, तभी चालक और कंडक्टर ने चलती बस में उसके साथ गैंगरेप किया। किसी तरह पीड़िता ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। वारदात में इस्तेमाल बस को भी जब्त कर लिया गया है। बस की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, जबकि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण और काउंसलिंग कराई गई है।

जांच में सामने आया है कि वारदात में इस्तेमाल स्लीपर बस बिहार के गोपालगंज जिले की एक निजी कंपनी के नाम पर पंजीकृत है। रिकॉर्ड के मुताबिक बस ‘साईं दृष्टि प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम दर्ज है और इसका मालिक गोपालगंज के सिधवलिया थाना क्षेत्र के रामपुर सदौवा गांव निवासी हैप्पी मल्होत्रा बताया जा रहा है।
परिवहन विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि बस पर परमिट, इंश्योरेंस और ओवरलोडिंग समेत विभिन्न नियमों के उल्लंघन को लेकर करीब 4 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इनमें से केवल 1 लाख रुपये जमा किए गए थे, जबकि 3 लाख रुपये बकाया थे। बकाया जुर्माने के कारण बस को विभाग ने डिजिटल रूप से इंपाउंड घोषित कर रखा था, इसके बावजूद वह बिहार से दिल्ली के बीच अवैध रूप से संचालित हो रही थी। बताया जा रहा है कि बस टूरिस्ट परमिट पर पंजीकृत थी, लेकिन बिना वैध अनुमति नियमित रूप से दिल्ली रूट पर चलाई जा रही थी। अब जांच इस बात की भी हो रही है कि जब बस कागजों में जब्त थी, तब वह सड़कों पर कैसे दौड़ रही थी और इसमें किन अधिकारियों या कर्मचारियों की मिलीभगत रही।
दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं इस घटना के बाद निजी बसों की निगरानी, महिला सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। नागरिक संगठनों और आम लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।









