धुरिया जाति प्रमाणपत्र मामले में हुई अहम बैठक, समिति ने दिया न्यायपूर्ण समाधान का भरोसा
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश विधानसभा की संसदीय अनुश्रवण समिति की उप समिति ने धुरिया जाति से जुड़े प्रमाणपत्र मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित समुदायों को न्यायोचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता समिति के संयोजक आशीष कुमार सिंह “आशु” ने की, जबकि सदस्य अभय सिंह और नफीस अहमद भी मौजूद रहे। बैठक में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान धुरिया समुदाय के लोगों को पूर्व में जारी जाति प्रमाणपत्रों के सत्यापन और उनकी वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुरूप ऐसे सभी मामलों का परीक्षण किया जा रहा है ताकि पात्र व्यक्तियों को नियमानुसार लाभ मिल सके।
समिति ने गोंड, धुरिया और कहार उपजाति के प्रतिनिधियों से कहा कि यदि उनके पास पूर्व में जारी प्रमाणपत्र, वंशावली, पारिवारिक अभिलेख अथवा अन्य प्रमाणिक दस्तावेज उपलब्ध हैं, तो उन्हें प्रस्तुत किया जाए। उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर पात्रता का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने भी भरोसा दिलाया कि समुदाय के प्रतिनिधियों द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले दस्तावेजों का निष्पक्ष परीक्षण किया जाएगा और पात्र पाए जाने वाले लोगों के मामलों में नियमानुसार प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ गोंड, धुरिया और कहार उपजाति के प्रतिनिधियों ने भी अपनी बात रखी। समिति ने सभी पक्षों को आश्वस्त किया कि शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी और न्यायसंगत प्रक्रिया अपनाई जाएगी।








