अवैध नर्सिंग होम मामले में दो महिला कर्मचारी गिरफ्तार, स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर कार्रवाई
आजमगढ़, 11 जुलाई। सरायमीर थाना क्षेत्र के पवई लाड़पुर में अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम के मामले में पुलिस ने दो वांछित महिला कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में यह कार्रवाई की गई। मामले में इलाज के बाद रेफर किए गए एक मरीज की उपचार के दौरान मौत हो गई थी, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने नर्सिंग होम को सील कर दिया था।
पुलिस के अनुसार, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. आलेन्द्र कुमार की ओर से 10 जुलाई को थाना सरायमीर में तहरीर दी गई थी। शिकायत में बताया गया कि पवई लाड़पुर स्थित डॉ. अंगद पाल के नर्सिंग होम का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान मरीज के परिजनों ने बताया कि उनके मरीज का उपचार 12 फरवरी 2026 को इसी नर्सिंग होम में हुआ था। हालत गंभीर होने पर उसे उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर किया गया, जहां 10 जुलाई को उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
निरीक्षण के दौरान नर्सिंग होम संचालक डॉ. अंगद पाल मौके पर नहीं मिले, जबकि स्टाफ के रूप में रेनू विश्वकर्मा और रोशनी मौजूद थीं। जांच में यह भी सामने आया कि नर्सिंग होम में कोई वैध चिकित्सक कार्यरत नहीं था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने नर्सिंग होम को तत्काल सील कर दिया। तहरीर के आधार पर थाना सरायमीर में मु0अ0सं0 181/2026 के तहत धारा 105 बीएनएस में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत शनिवार को उपनिरीक्षक पंकज यादव को सूचना मिली कि दोनों वांछित महिला कर्मचारी पवई लाड़पुर स्थित अपने किराये के कमरे पर मौजूद हैं। पुलिस टीम ने महिला पुलिसकर्मियों की सहायता से विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्ताएं रेनू विश्वकर्मा, निवासी ग्राम सोनवारा, थाना रानी की सराय, जनपद आजमगढ़। रोशनी, निवासी ग्राम संजरपुर, थाना सरायमीर, जनपद आजमगढ़। पुलिस ने बताया कि दोनों अभियुक्ताओं के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। मामले में नर्सिंग होम संचालक सहित अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।








