प्रसूता मौत मामला: पीड़ित परिवार से मिलीं महिला आयोग सदस्य प्रियंका मौर्य, दोषियों पर सख्त कार्रवाई का दिलाया भरोसा
माहुल (आजमगढ़)। पवई थाना क्षेत्र के नाटी गांव में गुरुवार को राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्य प्रसूता करिश्मा मौर्य की मौत के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं। उन्होंने परिजनों से घटना की विस्तृत जानकारी ली और पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार तथा मुख्य चिकित्साधिकारी से फोन पर वार्ता कर आरोपित चिकित्सक दंपति के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।

गौरतलब है कि 17 जुलाई को अहरौला थाना क्षेत्र के रसूलपुर अहमद अली गांव स्थित शहनाज मेमोरियल चिकित्सालय में ऑपरेशन के बाद करिश्मा मौर्य की मौत हो गई थी। इस मामले में मृतका के पति ओमकार मौर्य की तहरीर पर अस्पताल संचालक डॉ. अकबर खान और उनकी पत्नी डॉ. निकहत खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद डॉ. प्रियंका मौर्य ने कहा कि यदि चिकित्सकीय लापरवाही के कारण प्रसूता की मौत हुई है तो यह बेहद गंभीर और अक्षम्य अपराध है। दोषियों के विरुद्ध ऐसी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए जो भविष्य में नजीर बने। उन्होंने कहा कि बिना मानकों और आवश्यक योग्यता के संचालित हो रहे निजी अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।

उन्होंने मृतका के पति के साहस की सराहना करते हुए कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के अनुसार दंड दिलाया जाएगा और जल्द ही कार्रवाई का परिणाम सामने आएगा।
इस दौरान भाजपा लालगंज के जिला मंत्री संतोष पांडेय, मंडल अध्यक्ष पवई विजय सिंह, अहरौला मंडल अध्यक्ष अर्पित मौर्य, सुजीत जायसवाल, अतुल मोदनवाल, रामसागर राजभर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
अहरौला थानाध्यक्ष को हटाने की उठी मांग
पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने राज्य महिला आयोग की सदस्य से अहरौला थानाध्यक्ष को हटाने की मांग भी की। मृतका के पति ओमकार मौर्य ने आरोप लगाया कि घटना के दिन जब वे अस्पताल में पत्नी का शव रखकर कार्रवाई की मांग कर रहे थे, तब पुलिस ने बल प्रयोग कर लोगों को वहां से हटा दिया और देर रात करीब दो बजे शव को जबरन अपने कब्जे में ले लिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा लोगों को धमकाया गया।
डॉ. प्रियंका मौर्य ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कहा कि पूरे मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों से ली जाएगी और शिकायत के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।








