आजमगढ़ के रेनबो अस्पताल में नवजात बदलने का मामला, 6 लोगों पर FIR; जांच में नर्स की लापरवाही उजागर
आजमगढ़। जिले के रेनबो चिल्ड्रेन अस्पताल में नवजात शिशुओं की अदला-बदली के आरोपों से जुड़े मामले में जिला प्रशासन की जांच के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय की तहरीर पर सिधारी थाने में अस्पताल से जुड़े कर्मचारियों, प्रबंधन से संबंधित लोगों और एक दंपती समेत कुल छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामले की शुरुआत आसिफगंज निवासी कमलेश वर्मा की शिकायत के बाद हुई। शिकायतकर्ता के अनुसार, उनकी पत्नी नेहा सोनी ने 12 मई को एक बेटे को जन्म दिया था। नवजात की तबीयत खराब होने पर उसे 27 मई को इलाज के लिए रेनबो अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि अस्पताल से छुट्टी के दौरान परिवार को उनके बेटे के स्थान पर एक नवजात बच्ची सौंप दी गई।
परिजनों ने जब इस पर आपत्ति जताई तो मामला विवाद में बदल गया। बाद में घटना से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से वास्तविक नवजात को कंचनपुर से वापस लाए जाने की बात सामने आई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने जांच के लिए एसडीएम सदर, सीओ नगर और एसीएमओ की तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। 10 जुलाई को सामने आई जांच रिपोर्ट में नवजातों की पहचान के लिए लगाए गए टैग बदलने के पीछे स्टाफ नर्स नीतू यादव की लापरवाही को प्रमुख कारण बताया गया है। रिपोर्ट में माधवी यादव और कन्हैया यादव की भी बच्चे को ले जाने की भूमिका का उल्लेख किया गया है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने नीतू यादव, अनरजीत चौहान, जयकृष्ण शुक्ल, शशि कुमार पांडेय, माधवी यादव और कन्हैया यादव के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। पुलिस अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।







