रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग से आगे बढ़ी विपक्ष की लड़ाई
नई दिल्ली। देश में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपना आंदोलन तेज कर दिया है। दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के नेताओं ने एकजुट होकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाने पर लेते हुए कहा कि मतदाता सूची से वोटरों के नाम हटाने का मामला सामान्य चुनावी गड़बड़ी नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र पर गंभीर हमला है रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे महत्वपूर्ण है, लेकिन कथित तौर पर वोटों की चोरी के जरिए उसी आवाज को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि देश के संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है।
रैली में विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी उठाई। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईंराहुल गांधी ने कहा कि वोट चोरी के आरोपों को लेकर विपक्ष की लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती।
लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर बढ़ी राजनीतिक टकराव की स्थिति
इस रैली के साथ ही चुनाव आयोग के खिलाफ शुरू हुआ विपक्ष का विरोध अब केंद्र सरकार तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। दूसरी ओर, इन आरोपों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होने के संकेत हैं।







