बाढ़ में डूबती फसल, मजबूरी में 25% तैयार धान काट रहे किसान, महीनों की मेहनत बचाने खेतों में उतरे
कटिहार से रतन कुमार की रिपोर्ट
बिहार में बाढ़ अब किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बनती जा रही है। कई जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी खेतों तक पहुंच चुका है। कटिहार के बरारी विधानसभा क्षेत्र में भी बाढ़ के पानी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। निचले इलाकों में पानी घुसने से लहलहाते धान के खेत डूबने लगे हैं। फसल को पानी में बर्बाद होता देख किसान अपनी महीनों की मेहनत बचाने के लिए खेतों में उतर गए हैं।

धान अभी पूरी तरह तैयार भी नहीं हुआ है, लेकिन पानी बढ़ने के डर से किसान तैयार हो चुके धान की कटाई करने को मजबूर हैं। किसान कटे हुए धान को किसी तरह सुरक्षित जगह पहुंचाने में जुटे हैं। किसानों के मुताबिक करीब 10 एकड़ में लगी धान की फसल बाढ़ की चपेट में है। इनमें अभी महज 25 फीसदी धान ही तैयार हुआ है। किसानों को डर है कि अगर पानी का स्तर और बढ़ा तो बाकी फसल भी पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी। इसी आशंका में किसान आनन-फानन में तैयार धान काट रहे हैं।
किसान रंजीत सिंह और सोहेल अख्तर ने बताया कि बड़ी उम्मीद के साथ धान की खेती की थी, लेकिन बाढ़ ने पूरी मेहनत पर पानी फेरने की स्थिति पैदा कर दी है। किसानों ने सरकार से फसल नुकसान का सर्वे कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते मदद नहीं मिली तो भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।








