बंधवा महादेव मंदिर में शादी का ड्रामा, नकदी-जेवर लेकर हो जाते थे फरार
आजमगढ़। बरदह थाना पुलिस ने शादी के नाम पर ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए लुटेरी दुल्हन समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य शादी के इच्छुक लोगों को निशाना बनाकर मंदिर में फर्जी शादी का ड्रामा रचते थे और बाद में नकदी, जेवर व कपड़े लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 19,650 रुपये नकद, जेवर, कपड़े और घटना में इस्तेमाल दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।
मामला 9 सितंबर का है। हरदोई जिले के बिलग्राम थाना क्षेत्र के छिबरामऊ निवासी रामबिलाश ने बरदह थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनके बेटे राजकुमार की शादी कराने के लिए व्हाट्सऐप पर लड़की की फोटो भेजी गई थी। इसके बाद उन्हें बंधवा महादेव मंदिर बुलाया गया, जहां शादी कराई गई। शादी के दौरान दुल्हन को नाक की कील और 80 हजार रुपये नकद दिए गए।
आरोप है कि शादी के बाद जब राजकुमार दुल्हन को लेकर घर जा रहा था, तभी बंधवा मोड़ के पास कुछ लोगों ने उसे गाड़ी से उतार दिया और दुल्हन व रुपये लेकर फरार हो गए। मामले में बरदह थाने में मुकदमा संख्या 301/2026 के तहत धारा 319(2) और 318(4) बीएनएस में केस दर्ज किया गया।
11 सितंबर को पुलिस ने 7 आरोपियों को पकड़ा। उपनिरीक्षक मनीष सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि घटना में शामिल आरोपी कोदहरा चौराहे पर एकत्र होकर भागने की तैयारी में हैं। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर 5 पुरुषों और 2 महिलाओं को दो मोटरसाइकिलों के साथ गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में पुलिस के अनुसार, आरोपी संगठित तरीके से ऐसे लोगों की तलाश करते थे जिनकी शादी नहीं हो रही थी। गिरोह की महिला सदस्य को दुल्हन बनाकर उसकी फोटो दिखाई जाती थी। इसके बाद मंदिर में शादी के दौरान गिरोह के अन्य सदस्य लड़की के पिता, भाई और रिश्तेदार बनकर परिवार का भरोसा जीतते थे।
पुलिस के मुताबिक, शादी के बाद रुपये, जेवर और कपड़े लेकर आरोपी फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हुए फरार हो जाते थे। इस मामले में समोधीपुर की महिला दुल्हन बनी थी। बजरंगी बिंद और बहादुर उर्फ राजू उसके भाई बने थे, जबकि राजन विश्वकर्मा पिता और रामबिलाश व जय किशन रिश्तेदार की भूमिका में थे।
पुलिस ने बताया कि बजरंगी बिंद के खिलाफ जौनपुर, देवरिया और आजमगढ़ में पहले से 5 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं जय किशन उर्फ अजीत के खिलाफ 4 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों और सदस्यों की जानकारी जुटाने में लगी है।








