पत्रकार पर हमले के विरोध में सुपौल में आक्रोश मार्च, कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
सहरसा सदर अस्पताल की घटना के विरोध में पत्रकारों ने जताया आक्रोश, आरोपी चिकित्सक व कर्मियों पर कार्रवाई की मांग
सुपौल। सहरसा सदर अस्पताल में समाचार संकलन के दौरान पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ हुई कथित मारपीट व दुर्व्यवहार की घटना के विरोध में गुरुवार को सुपौल में पत्रकारों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। सुपौल पत्रकार संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में पत्रकारों ने मुख्यालय स्थित महावीर चौक से आक्रोश मार्च निकाला। हाथों में तख्तियां और घटना के विरोध में नारे लगाते पत्रकार शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए पुनः महावीर चौक पहुंचे, जहां मार्च का समापन किया गया।आक्रोश मार्च के दौरान पत्रकारों ने सहरसा सदर अस्पताल की घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषी चिकित्सक सहित अन्य संबंधित कर्मियों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। पत्रकारों ने कहा कि समाचार संकलन के दौरान पत्रकार के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना लोकतांत्रिक व्यवस्था में गंभीर चिंता का विषय है। पत्रकारों का काम समाज की समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाना है। ऐसे में पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।पत्रकार संघ के सदस्यों ने कहा कि घटना के संबंध में प्रशासन को निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। साथ ही जांच पूरी होने तक आरोपी चिकित्सक को संबंधित जिम्मेदारी से हटाने की मांग भी दोहरायी गयी।पत्रकारों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की गयी तो सुपौल पत्रकार संघ के बैनर तले चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी। मार्च के दौरान पत्रकारों ने एकजुटता प्रदर्शित करते हुए कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा।आक्रोश मार्च में जिले के विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकार शामिल हुए। महावीर चौक पर मार्च समाप्त होने के बाद पत्रकारों ने आगे की रणनीति को लेकर भी चर्चा की और प्रशासन से मामले में शीघ्र ठोस कार्रवाई की अपेक्षा जतायी।








