मौलाना सैयद अकील अहमद फिरदोसी का इंतकाल, दीन और इंसानियत की सेवा में गुजरी जिंदगी
यह खबर बेहद अफसोसनाक और दिल को गहरा दुख पहुंचाने वाली है कि अमरथ के रहने वाले प्रसिद्ध धार्मिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौलाना सैयद अकिल अहमद फिरदोसी का अचानक 62 वर्ष की उम्र में इंतकाल हो गया। उनके निधन की खबर से उनके चाहने वालों, परिचितों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों में शोक की लहर है।मौलाना सैयद अकील अहमद फिरदोसी ने अपनी पूरी जिंदगी गांव-गांव जाकर लोगों तक दीन की बातें पहुंचाने, सामाजिक जागरूकता फैलाने तथा गरीब और जरूरतमंद लोगों के बीच रहकर उनकी मदद करने में गुजार दी। वह धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहते थे और क्षेत्र के लोगों के बीच उनका विशेष सम्मान था।शहीद वीर अब्दुल हमीद एवं सैयद सुल्तान अलाउद्दीन फाउंडेशन की भी बहुत तारीफ़ करते थे। जब भी वह जमुई आते, तो मुलाकात और दुआ-सलाम जरूर होती थी। मैं स्वयं धर्मपुर गांव जाकर उनसे कई बार मुलाकात कर चुका हूं। वह हमेशा स्नेह और दुआओं से नवाजते थे।मौलाना सैयद अकील अहमद फिरदोसी अमरथ शरीफ, जमुई डॉ ख़ुर्शीद एक्स रे के छोटे भाई थे और वहां की ग़ाज़ी बाबा की मजार से भी काफी प्रभावित और प्रेरित थे। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी दीन, इंसानियत और समाज की सेवा में लगा दी।उनके इंतकाल से धार्मिक एवं सामाजिक क्षेत्र ने एक समर्पित व्यक्तित्व को खो दिया है। उनके चाहने वाले और परिचित इस दुख की घड़ी में गहरे सदमे में हैं।अल्लाह पाक मरहूम मौलाना सैयद अकील अहमद फिरदोसी की मगफिरत फरमाए, उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए और उनके परिवार, चाहने वालों तथा सभी शोकाकुल लोगों को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन।








