आजमगढ़ में पूजा के बीच बरसी गोलियां: अंधविश्वास के शक में परिवार के चार लोगों की हत्या, पुलिस मुठभेड़ में आरोपी ढेर

आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में सोमवार को अंधविश्वास और भूत-प्रेत के वहम से जुड़ी एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। एक व्यक्ति ने कथित तौर पर पूजा-पाठ के दौरान अपनी पत्नी, दो पंडितों और अपने मासूम बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी घटना के बाद आरोपी ने अपने तीन बच्चों को हथियार के साथ कमरे में बंधक बना लिया। करीब सात घंटे चले पुलिस ऑपरेशन के बाद आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।
परिजनों के अनुसार आरोपी अरविंद कुमार पुत्र त्रिपुरारी सिंह की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी परिवार की ओर से भूत-प्रेत का साया होने की आशंका में घर पर पांच दिवसीय पूजा-पाठ और अनुष्ठान कराया जा रहा था सोमवार को अनुष्ठान का चौथा दिन था। इसी दौरान आरोपी अचानक उग्र हो गया और लाइसेंसी असलहे से फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी में उसकी पत्नी बबिता सिंह तथा पूजा करा रहे पंडित अखिलेश मिश्रा और पंडित महेंद्र पाठक की मौत हो गई।
इसके बाद आरोपी ने अपने तीन बच्चों 10 वर्षीय परी, 9 वर्षीय शौर्य और छह माह की बच्ची को कमरे में बंधक बना लिया। सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया ADG वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा और DIG आजमगढ़ परिक्षेत्र सुनील कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और ऑपरेशन की निगरानी की।
करीब सात घंटे तक पुलिस ने आरोपी को समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान कमरे के अंदर से गोली चलने की आवाज आई पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए कमरे में प्रवेश किया, जहां आरोपी ने अपने बेटे शौर्य को गोली मार दी थी। पुलिस पर फायरिंग किए जाने के बाद जवाबी कार्रवाई में आरोपी भी मारा गया।
पुलिस टीम ने जोखिम उठाकर 10 वर्षीय परी और छह माह की बच्ची को सकुशल बाहर निकाल लिया घटना के बाद गांव में तनाव और सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।








