जमीन दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप, गैंगस्टर एक्ट में वांछित अभिनव सिंह गिरफ्तार
आजमगढ़। जमीन दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों-करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में गैंगस्टर एक्ट के तहत वांछित चल रहे अभियुक्त अभिनव सिंह उर्फ मन्टू को थाना सिधारी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पर जमीन की रजिस्ट्री कराने के नाम पर फर्जी खतौनी दिखाकर रकम लेने और बाद में रुपये वापस मांगने पर फर्जी चेक देने, गाली-गलौज तथा जान से मारने की धमकी देने के आरोप में कई मुकदमे दर्ज हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सिधारी पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में वांछित 41 वर्षीय अभिनव सिंह उर्फ मन्टू को भंवरनाथ रोड, बैठौली के पास से शनिवार रात करीब 12:50 बजे गिरफ्तार किया।
जमीन के नाम पर लाखों रुपये लेने के आरोप
पुलिस के अनुसार, अभिनव सिंह उर्फ मन्टू ने अपनी सह-अभियुक्ता ऋतिका सिंह के साथ मिलकर एक संगठित आपराधिक गिरोह बनाया था। आरोप है कि गिरोह द्वारा लोगों को जमीन बेचने के नाम पर फर्जी खतौनी दिखाई जाती थी और उनसे रकम ली जाती थी। जमीन की रजिस्ट्री नहीं होने पर जब पीड़ित रकम वापस मांगते थे तो कथित तौर पर फर्जी चेक देने के साथ गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी जाती थी।
पुलिस के मुताबिक, थाना सिधारी में दर्ज एक मुकदमे में जमीन बेचने के नाम पर ₹50 लाख, थाना कोतवाली में दर्ज मामले में ₹25 लाख और सिधारी थाने के एक अन्य मामले में ₹35 लाख लिए जाने की बात सामने आई है।
इन मामलों से संबंधित आपराधिक गतिविधियों के आधार पर गैंगचार्ट अनुमोदित होने के बाद 25 सितंबर 2026 को थाना सिधारी में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
कई मुकदमे दर्ज होने का दावा
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ सिधारी और कोतवाली थाने में धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी समेत विभिन्न धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2025 और 2026 में दर्ज मुकदमों के अलावा आर्म्स एक्ट का मामला भी शामिल है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
पुलिस टीम ने की गिरफ्तारी
अभिनव सिंह की गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक मृत्युन्जय सिंह, कांस्टेबल रामहरीश यादव और कांस्टेबल हिमांशू, थाना सिधारी शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।








